“हमारा देश” विकसित देशों से कैसे मुक़ाबला करेगा? सोचो जरा ! आरक्षण के गणित पर उठे सवाल? 150 अंकों की परीक्षा में 9.40 पर भी पशु चिकित्सा अधिकारी का चयन…

“हमारा देश” विकसित देशों से कैसे मुक़ाबला करेगा? सोचो जरा ! आरक्षण के गणित पर उठे सवाल? 150 अंकों की परीक्षा में 9.40 पर भी पशु चिकित्सा अधिकारी का चयन…

सामान्य वर्ग की कटऑफ 89.26, जबकि ST महिला में 9.40 और EWS महिला में 12.75 अंक पर बंद हुई मेरिट

गौरव रक्षक /राजेंद्र शर्मा

जयपुर, 2अक्टूबर 2026

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा-2025 के अंतिम परिणाम और श्रेणीवार कटऑफ ने सरकारी भर्ती में आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। 150 अंकों की लिखित परीक्षा में विभिन्न श्रेणियों की कटऑफ में भारी अंतर सामने आया है। आयोग द्वारा जारी अंतिम कटऑफ के अनुसार सामान्य वर्ग की मेरिट 89.26 अंक पर बंद हुई, जबकि ST महिला वर्ग में 9.40 अंक और EWS महिला वर्ग में 12.75 अंक पर अंतिम चयन हुआ।
आंकड़ों के मुताबिक OBC सामान्य वर्ग की कटऑफ 77.18, OBC महिला की 75.50, SC सामान्य की 48.99, SC महिला की 17.79, MBC सामान्य की 32.89, MBC महिला की 13.76 और EWS सामान्य वर्ग की 43.96 अंक रही। ST सामान्य वर्ग की कटऑफ भी 14.77 अंक दर्ज की गई।
सबसे अधिक चर्चा ST महिला और EWS महिला वर्ग की कटऑफ को लेकर है। 150 अंकों के पेपर में 9.40 अंक लगभग 6.27 प्रतिशत तथा 12.75 अंक 8.5 प्रतिशत के बराबर हैं। दूसरी ओर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को चयन सूची में स्थान बनाने के लिए 89.26 अंक तक हासिल करने पड़े, जो कुल अंकों का करीब 59.5 प्रतिशत है।

एक ही परीक्षा, अंकों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

भर्ती में श्रेणीवार पदों के आवंटन, अभ्यर्थियों की मेरिट, उपलब्ध सीटों और लागू आरक्षण नियमों के कारण अलग-अलग वर्गों की कटऑफ में बड़ा अंतर सामने आया। RPSC ने स्पष्ट किया था कि चयन प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा, किसी एक समान न्यूनतम उत्तीर्णांक के आधार पर नहीं।
आयोग ने 16 जून 2026 को जारी विचारित सूची के बाद अभ्यर्थियों की पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन कराया। इसके पश्चात 30 सितंबर 2026 को 1100 पदों के लिए मुख्य चयन सूची और आरक्षित सूची जारी की गई।
इन आंकड़ों ने सरकारी नौकरियों में समान प्रतिस्पर्धा, आरक्षण की सीमा और मेरिट के महत्व को लेकर नई बहस को जन्म दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि पेशेवर और तकनीकी पदों पर चयन में न्यूनतम योग्यता तथा मेरिट के मानकों को लेकर क्या व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है।

हालांकि, कटऑफ अपने आप में चयनित अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत योग्यता का पूर्ण आकलन नहीं है। यह संबंधित श्रेणी में अंतिम चयनित अभ्यर्थी के प्राप्तांक को दर्शाती है। इसलिए इन आंकड़ों की व्याख्या भर्ती के नियमों और श्रेणीवार सीटों के संदर्भ में ही की जानी चाहिए।

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