मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हेल्पलाइन 181 पर सुनीं जनसमस्याएं, कुछ घंटों में दुरुस्त हुई क्षतिग्रस्त पाइपलाइन..
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परिवादियों से सीधे संवाद कर अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
रात में मिलने वाली शिकायतों को आपात स्थिति मानकर करें कार्रवाई, विभागवार मॉनिटरिंग के साथ तय हो अधिकारियों की जवाबदेही
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 10 अक्टूबर2026
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोन के माध्यम से परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद गंगापुरसिटी में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या का कुछ ही घंटों में समाधान कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमजन की शिकायतों का समाधान, प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 को ऐसा प्रभावी माध्यम बनाया जाए, जिससे प्रत्येक नागरिक की शिकायत का समय पर समाधान हो सके।
परिवादियों से सीधे संवाद, अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगापुरसिटी के परिवादी विकास कुमार से फोन पर बातचीत कर उनके क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या सुनी। उन्होंने समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कुछ ही घंटों में पाइपलाइन को दुरुस्त कर दिया।
मुख्यमंत्री वीडियो कॉल के माध्यम से झालावाड़ के परिवादी अनीष और सवाई माधोपुर के परिवादी रिंकू कुमार से भी रूबरू हुए। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी वीडियो कॉल पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने परिवादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है।
‘संपर्क GPT’ से होगा शिकायतों का बेहतर विश्लेषण
मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जनरेशन राजस्थान संपर्क प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के विश्लेषण की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ‘संपर्क GPT’ की कार्यप्रणाली और विश्लेषण क्षमता का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विश्लेषण के माध्यम से जनसमस्याओं के मूल कारणों की पहचान की जानी चाहिए। इससे संबंधित विभाग समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए ठोस कदम उठा सकेंगे और आमजन को राहत मिलेगी। शिकायतों के विश्लेषण से उन क्षेत्रों और विषयों की भी पहचान की जाए, जहां नागरिकों को बार-बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके और उनकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
रात्रि में मिलने वाली शिकायतों को आपात स्थिति मानें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि के समय प्राप्त होने वाली शिकायतों को आपात स्थिति मानते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवेदनाओं की विभागवार प्रभावी मॉनिटरिंग करने और उनके निस्तारण में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परिवादी को वास्तविक राहत मिले। विभाग शिकायतों के कारणों का आकलन कर ऐसी व्यवस्था विकसित करें, जिससे एक ही समस्या को लेकर नागरिकों को बार-बार शिकायत दर्ज नहीं करानी पड़े।
हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्वालिटी परफॉर्मेंस डैशबोर्ड, हेल्पलाइन सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीकरण, फॉलो-अप और मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर कार्यरत कार्मिकों से समय-समय पर फीडबैक लिया जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण ही सुशासन का आधार है। राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से आमजन को राहत पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

