भीलवाड़ा कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की सकारात्मक सोच और अभिनव पहल ने दीपोत्सव को बनाया खास, सरकारी भवनों से शहर के चौराहों तक जगमगाया भीलवाड़ा, उत्सव के साथ दिया सामाजिक समरसता, खुशहाली और जनभागीदारी का संदेश…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 6 नवंबर 2026
दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और घरों को रोशन करने का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशियों, उम्मीदों और सकारात्मकता का उजाला फैलाने का संदेश भी देता है। इसी भावना को साकार करने की दिशा में भीलवाड़ा जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री जसमीत सिंह संधू की सकारात्मक सोच और अभिनव पहल ने इस बार दीपोत्सव को एक विशेष पहचान प्रदान की है।
भीलवाड़ा के कलेक्ट्रेट परिसर की आकर्षक विद्युत सजावट और जगमगाती रोशनी ने न केवल प्रशासनिक भवन की सुंदरता में चार चांद लगाए, बल्कि आमजन के मन में भी उत्साह और उमंग का संचार किया। जिला मुख्यालय के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, शहर के मुख्य चौराहों, अजमेर पुलिया सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई आकर्षक रोशनी ने पूरे वातावरण को दीपोत्सव के रंग में रंग दिया। यह पहल इस बात का प्रतीक बनी कि जब प्रशासन की सोच सकारात्मक होती है और उसमें जनभावनाओं का समावेश होता है, तो सामान्य आयोजन भी सामाजिक प्रेरणा का माध्यम बन जाता है।
कलेक्टर की पहल ने दिया खुशियों को साझा करने का संदेश
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की इस पहल की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। उनकी सोच ने यह संदेश दिया कि दीपावली की खुशियां केवल संपन्न और साधन-संपन्न परिवारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी उत्सव का प्रकाश पहुंचना चाहिए। किसान, मजदूर, कारीगर, छोटे व्यापारी और मेहनतकश वर्ग हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की मजबूत नींव हैं। उनके जीवन में खुशहाली और सम्मान का प्रकाश पहुंचाना ही त्योहारों की वास्तविक सार्थकता है।
यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच सकारात्मक जुड़ाव का भी उदाहरण है। सार्वजनिक संस्थानों को सुंदर और आकर्षक स्वरूप देना केवल सजावट नहीं, बल्कि शहर की पहचान, स्वच्छता, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक गौरव को मजबूत करने का प्रयास है। कल जिला कलेक्टर से दीपोत्सव पर्व को लेकर पत्रकार राजेंद्र शर्मा ने मुलाकात की, तो कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने अपनी सोच बताते हुए “श्री राम” के आदर्श और रामराज्य की कल्पना का संदेश दिया उन्होंने कहा कि..
श्रीराम के आदर्श और रामराज्य की कल्पना का संदेश
भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन से जुड़ा दीपोत्सव हमें मर्यादा, आदर्श शासन, न्याय, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। रामराज्य की परिकल्पना केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था का प्रतीक है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, शासन संवेदनशील हो और समाज में शांति एवं समानता का वातावरण कायम रहे।
इसी भावना के अनुरूप एक आदर्श प्रशासन की प्राथमिकता भी यही होनी चाहिए कि आम नागरिक को समय पर न्याय मिले, उसकी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान हो और सरकारी व्यवस्था के प्रति उसका विश्वास मजबूत बने।
वहीं भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण कल्याणक हमें अहिंसा, करुणा, संयम और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। इन महान आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही एक शांतिपूर्ण और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
गुरु नानक देव जी के विचारों में छिपा सामाजिक एकता का संदेश
गुरु नानक देव जी ने मानवता को प्रेम, समानता, सत्य, सेवा और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उन्होंने मनुष्य को बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने और सभी के प्रति समान भाव रखने की प्रेरणा दी। आज आवश्यकता है कि हम इन महान विचारों को केवल पर्व और आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार और कार्यशैली में भी आत्मसात करें।
सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना तभी सार्थक होगी, जब समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़े और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।
प्रशासनिक नेतृत्व की सकारात्मक सोच समाज के लिए प्रेरणा
भीलवाड़ा जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की इस पहल को प्रशासनिक संवेदनशीलता और सकारात्मक नेतृत्व के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी जिले की पहचान केवल उसकी आर्थिक उपलब्धियों और विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां के नागरिकों के चेहरों पर मुस्कान, सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता और सामाजिक समरसता से भी होती है।
ऐसी पहलें यह विश्वास जगाती हैं कि प्रशासन यदि जनभावनाओं को समझते हुए कार्य करे, तो सरकारी संस्थान भी आमजन के उत्सव और सामाजिक गौरव का हिस्सा बन सकते हैं।
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री जसमीत सिंह संधू को इस सराहनीय पहल के लिए हार्दिक बधाई एवं साधुवाद।
आइए, इस दीपोत्सव पर हम सभी संकल्प लें कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक एकता, भाईचारे, न्याय और मानवता को मजबूत करेंगे। गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खुशियों में सहभागी बनेंगे तथा सामूहिक प्रयासों से एक ऐसे विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे, जहां किसी के जीवन में अंधकार न रहे और प्रत्येक चेहरे पर मुस्कान हो।
क्योंकि दीपावली का वास्तविक प्रकाश केवल घरों में जलते दीपों से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के जीवन में खुशियां बांटने से फैलता है।
राजेन्द्र शर्मा✍️✍️
(राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार)

