नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, 1.75 लाख रुपये का अर्थदण्ड..

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, 1.75 लाख रुपये का अर्थदण्ड..

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

जयपुर 03 नवम्बर,2026

बाड़मेर जिले में 7 वर्षीय नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी अभियोजन पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण में मात्र तीन माह में ट्रायल पूर्ण हुआ। विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट बाड़मेर श्री अजिताभ आचार्य ने आरोपी मगसिंह पुत्र तेजसिंह निवासी इन्द्रा नगर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 1 लाख 75 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने बताया कि 19 जुलाई 2026 को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच अपने घर के बाहर खेल रही 7 वर्षीय बालिका को आरोपी मग सिंह बहला-फुसलाकर झाड़ियों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में प्राप्त रिपोर्ट पर महिला थाना बाड़मेर में प्रकरण दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के नेतृत्व में तत्कालीन महिला थाना थानाधिकारी देवीचन्द ढाका एवं कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार की टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए गए। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के मात्र दो घंटे के भीतर आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
14 दिन में न्यायालय में पेश किया चालान
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य ने त्वरित अनुसंधान पूरा कर गिरफ्तारी के मात्र 14 दिन में आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश कर दिया।
केस ऑफिसर स्कीम में चयनित कर की प्रभावी पैरवी
जघन्य एवं गंभीर प्रकृति का मामला होने के कारण पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया। महिला थाना थानाधिकारी सरिता विश्नोई को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया। प्रकरण के पर्यवेक्षण के दौरान नियत पेशियों पर न्यायालय में उपस्थित रहकर गवाहों के बयान अभियोजन पक्ष के अनुरूप करवाने तथा संबंधित साक्ष्य समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करवाने के प्रयास किए गए।
सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक श्री दामोदर चौधरी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से 20 गवाह, 44 दस्तावेज एवं 18 आर्टिकल न्यायालय में प्रस्तुत किए। इसके परिणामस्वरूप घटना के मात्र तीन माह में ट्रायल पूर्ण हुआ और 03 नवम्बर 2026 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास एवं 1,75,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया इनकी रही विशेष भूमिका
प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य (अनुसंधान अधिकारी), तत्कालीन महिला थाना थानाधिकारी देवीचन्द ढाका, महिला थाना थानाधिकारी एवं केस ऑफिसर सरिता विश्नोई, महिला सेल के सहायक उपनिरीक्षक हरदानराम, महिला थाना के सहायक उपनिरीक्षक हर्षाराम एवं बबरी, कोर्ट एलसी महिला थाना के कांस्टेबल हिंगलाजदान तथा महिला सेल बाड़मेर के कांस्टेबल विक्रमसिंह की विशेष भूमिका रही।

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