8 माह की मासूम बच्ची की हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश, पिता गिरफ्तार ,सगे भाई के बेटों और उनकी पत्नियों को फंसाने के लिए रची झूठी कहानी, घरेलू विवाद के बाद बच्ची की हत्या कर लगाया था परिजनों पर आरोप..
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 1 नवम्बर2026
आठ माह की मासूम बच्ची की हत्या के सनसनीखेज मामले का थाना नई मण्डी हिण्डौनसिटी पुलिस ने खुलासा करते हुए उसके पिता को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी पिता ने घरेलू विवाद के बाद अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या कर दी और स्वयं को बचाने तथा अपने सगे भाई के बेटों एवं उनकी पत्नियों को झूठे मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध हत्या का आरोप लगा दिया।
महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार संगठित अपराधियों, हार्डकोर एवं वांछित अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज डॉ. प्रीति चन्द्रा के विशेष सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक करौली श्री लोकेश सोनवाल के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमें गठित कर त्वरित खुलासे के निर्देश दिए गए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिण्डौन सिटी श्री कमल कुमार के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी हिण्डौन सिटी श्री गौरव सारस्वत के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी नई मण्डी हिण्डौनसिटी उपनिरीक्षक श्री प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ एवं स्वतंत्र तथा चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
इस तरह सामने आया हत्या का मामला
घटना के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी रामदेव जाटव (39) निवासी खेड़े का पुरा, हिण्डौनसिटी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि सुबह करीब 8 से 9 बजे उसके बड़े भाई रामचरण के बेटे रामवीर, दीनदयाल एवं हीरालाल तथा उनकी पत्नियां पूजा और प्रियंका उसके घर आए और लाठी-डंडों से मारपीट की। इस दौरान रामवीर द्वारा उसकी आठ माह की बच्ची के सिर पर लाठी से वार करने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना नई मण्डी हिण्डौनसिटी में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
अनुसंधान के दौरान सामने आया कि घटना से एक रात पहले 27 अक्टूबर को रामदेव और उसकी पत्नी रेशमा के बीच घरेलू बात को लेकर झगड़ा हुआ था। नाराज होकर रेशमा बाजना फाटक की ओर ट्रेन से कटने के लिए चली गई थी, जिसे गांव के कुछ लोग समझाकर वापस घर लाए थे। अगले दिन सुबह भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो रही थी। इस दौरान रामदेव के बड़े भाई रामचरण के बेटे रामवीर ने उन्हें झगड़ा करने से मना किया, जिस पर रामदेव और रामवीर के बीच कहासुनी एवं गाली-गलौच हो गई।
इसी विवाद से आक्रोशित होकर रामदेव ने अपने सगे भाई के बेटों को झूठे मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से अपनी आठ माह की बच्ची की पत्थर पर पटककर हत्या कर दी और बाद में उन्हीं पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
आरोपी गिरफ्तार, अनुसंधान जारी
घटनास्थल के आसपास के लोगों एवं चश्मदीद गवाहों से पूछताछ तथा अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के आधार पर परिवादी रामदेव जाटव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने उसके विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर शनिवार को रात 8:30 बजे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से प्रकरण के संबंध में विस्तृत अनुसंधान जारी है।
पुलिस टीम की रही विशेष भूमिका
प्रकरण का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी उपनिरीक्षक प्रहलाद सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, परसोत्तम एवं कांस्टेबल हरिओम शामिल रहे। मामले के खुलासे में हेड कांस्टेबल राजेश कुमार की विशेष भूमिका रही।

