वरिष्ठ IAS शिखर अग्रवाल APO, संपत्ति खरीद विवाद के बीच कार्रवाई…
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर ,29अक्टूबर 2026
राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स (APO) कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उनके और उनके परिवार के कथित संपत्ति निवेश को लेकर मीडिया रिपोर्टों में कई सवाल उठाए गए हैं।
देर रात जारी हुआ APO आदेश
कार्मिक विभाग (DoP) की ओर से बुधवार देर रात जारी आदेश में शिखर अग्रवाल को प्रशासनिक कारणों से आगामी आदेशों तक एपीओ किए जाने की बात कही गई है। आदेश पर शासन के संयुक्त सचिव धीरज कुमार सिंह के हस्ताक्षर बताए गए हैं।
1993 बैच के आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उनके कार्यक्षेत्र में उद्योग एवं एमएसएमई विभाग, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC), निवेश, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (BIP) सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों और निगमों से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल थीं।
ढाई साल में 40 विला-कॉटेज खरीदने का दावा
मीडिया संगठनों की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी, दोनों बेटों और ससुराल पक्ष के सदस्यों ने करीब ढाई साल की अवधि में एक ही रियल एस्टेट कंपनी से लगभग 40 विला और कॉटेज खरीदे। रिपोर्ट में सामने आए इन दावों के बाद संपत्ति खरीद और निवेश को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई से बढ़ी हलचल
संपत्ति खरीद से जुड़े इन कथित खुलासों के बीच शिखर अग्रवाल को एपीओ किए जाने से राजस्थान के प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, कार्मिक विभाग के आदेश में कार्रवाई का कारण प्रशासनिक बताया गया है। संपत्ति खरीद से जुड़े आरोपों और सरकार की कार्रवाई के बीच आधिकारिक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर संपत्ति खरीद से जुड़े दावों को आरोप और मीडिया रिपोर्टों के निष्कर्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में किसी अनियमितता की पुष्टि या संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होने के लिए आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

