झालावाड़ पुलिस का बड़ा एक्शन: देह व्यापार में धकेली जा रही 6 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू, 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर 06 नवम्बर 2026
नाबालिग बालिकाओं को कथित सामाजिक कुरीतियों और परंपराओं की आड़ में देह व्यापार में धकेलने तथा उनका शोषण करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध झालावाड़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भवानीमंडी थाना क्षेत्र में डिकॉय ऑपरेशन के माध्यम से साक्ष्य जुटाने के बाद चिन्हित डेरों पर एक साथ दबिश देकर 6 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। अनुसंधान में इनमें से 5 बालिकाओं के साथ बार-बार देह शोषण करवाए जाने के साक्ष्य सामने आए हैं। शेष एक बालिका के संबंध में अनुसंधान जारी है। मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि गत 7 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय झालावाड़ में एक गोपनीय परिवाद प्राप्त हुआ था। इसमें भवानीमंडी थाना क्षेत्र की बाछड़ा समुदाय की बस्तियों में कुछ परिवारों द्वारा अपनी नाबालिग बालिकाओं को जबरन देह व्यापार में धकेले जाने तथा स्थानीय दलालों के माध्यम से ग्राहकों से धनराशि वसूलने की जानकारी दी गई थी। एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्र की ग्राउंड रिपोर्ट में भी कथित रूढ़िगत प्रथाओं की आड़ में नाबालिग एवं बालिग लड़कियों से देह व्यापार करवाए जाने संबंधी तथ्य प्रकाशित हुए थे।
गोपनीय जांच और डिकॉय ऑपरेशन से जुटाए साक्ष्य
गोपनीय परिवाद की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक श्री आयुष श्रोत्रिय के निर्देशन में विशेष जांच दल गठित किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी माध्यमों से सूचनाएं जुटाईं। डिकॉय टीम ने स्पाई कैमरों की सहायता से मौके पर होने वाली सौदेबाजी एवं संदिग्ध गतिविधियों के डिजिटल साक्ष्य संकलित किए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि डिकॉय टीम को किसी भी अनैतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष भागीदारी से बचते हुए केवल साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए थे।
साक्ष्यों एवं सूचनाओं के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत की गई। इसके बाद 3 नवम्बर को वृताधिकारी पिड़ावा श्रीमती पूजा नागर, रायपुर थानाधिकारी श्री मोहनलाल एवं जिला स्पेशल टीम प्रभारी श्री विष्णुसिंह के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों, जिनमें सादा वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, ने चिन्हित स्थानों पर एक साथ घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई में 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग की 6 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
स्पाई वीडियो में दलालों और परिजनों की गतिविधियां रिकॉर्ड
डिकॉय ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए स्पाई वीडियो के अवलोकन में रेस्क्यू की गई 6 बालिकाओं में से 3 बालिकाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। वीडियो में दलालों एवं परिजनों द्वारा 10 से 20 मिनट की अनैतिक गतिविधि के बदले धनराशि की मांग करने तथा अन्य कम उम्र की बालिकाओं को ग्राहकों के सामने पेश करने के दृश्य रिकॉर्ड हुए हैं।
मेडिकल परीक्षण में 5 बालिकाओं के बार-बार शोषण की पुष्टि
रेस्क्यू की गई सभी बालिकाओं का मेडिकल बोर्ड से विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। पुलिस के अनुसार चिकित्सीय परीक्षण, तकनीकी एवं अन्य अनुसंधानिक साक्ष्यों से 5 बालिकाओं के साथ बार-बार देह शोषण करवाए जाने की पुष्टि हुई है। शेष एक बालिका के संबंध में जांच जारी है।
चिकित्सीय परीक्षण में दो बालिकाएं यौन संचारित रोग (एसटीडी) से पीड़ित पाई गईं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों के निर्देशन में उपचार एवं टीकाकरण शुरू करवाया गया है।
आपत्तिजनक सामग्री जब्त, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
दबिश के दौरान घटनास्थल पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. शंभुदयाल अपनी टीम के साथ पहुंचे। कमरों एवं आवासों की तलाशी के दौरान देह व्यापार में प्रयुक्त होने वाली बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, जिसमें सैकड़ों की संख्या में निरोध/कंडोम शामिल हैं, जब्त किए गए। एफएसएल टीम ने घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कर अन्य तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य भी संकलित किए।
5 मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी गठित
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक श्री आयुष श्रोत्रिय की ओर से भवानीमंडी थाने में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6, 11/12 एवं 17 के तहत मामला दर्ज करवाया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक झालावाड़ ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भागचन्द मीणा के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर आगामी अनुसंधान वृत्ताधिकारी भवानीमंडी श्री सत्यनारायण गोदारा को सौंपा।
अनुसंधान में नाबालिग बालिकाओं को जबरन देह व्यापार में धकेलने, उनका अनैतिक सौदा करने तथा इससे अवैध धन अर्जित करने के आरोप प्रमाणित पाए जाने पर 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में पीड़ित बालिकाओं के परिवारजन, निकटस्थ एवं रिश्तेदार शामिल हैं। इनमें हीरा बाई (34), धापू बाई (35), रोडी बाई (32), छानमल (48) एवं पप्पु (22) शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है तथा अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।
बालिकाओं के पुनर्वास एवं संरक्षण पर विशेष ध्यान
रेस्क्यू की गई सभी बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेशानुसार उन्हें सुरक्षित आश्रय के लिए बालिका गृह भेजा गया है। पुलिस द्वारा उनके समुचित उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, देखरेख एवं पुनर्वास के लिए संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय किया जा रहा है।
प्रकरण में शीघ्र जांच नतीजे प्राप्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक झालावाड़ ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला, जयपुर के निदेशक को अर्द्धशासकीय पत्र लिखकर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाने का अनुरोध भी किया है।
शोषण के नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का संदेश
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कुछ स्थानों पर कथित रूढ़िगत सामाजिक प्रथाओं की आड़ में नाबालिग बालिकाओं का लंबे समय से शोषण किया जा रहा था। बालिकाओं को देह व्यापार में धकेलने, उनका शोषण करने और इस अपराध में सहयोग करने वाले परिजनों, बिचौलियों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित बालिकाओं की सुरक्षा, उपचार और स्थायी पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी।

