मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने ली जल संचय, ईसरदा बांध और पीएचईडी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर/टोंक, 8 अक्टूबर2026
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को टोंक विजिट के दौरान जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जल संचय- जन भागीदारी अभियान, ईसरदा बांध एवं पीएचईडी प्रोजेक्ट्स प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जल संचय अभियान में जन भागीदारी, ईसरदा बांध निर्माण एवं पेयजल वितरण तथा पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट्स को लेकर किए जा रहे कार्यो पर विस्तृत चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल संचय-जन भागीदारी अभियान के तहत कराए जा रहे कार्यो में आमजन, भामाशाह एवं जल उपयोगकर्ता संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जल चौपाल जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर जल संरक्षण संरचनाओं को प्राथमिकता दी जाए। जिला कलक्टर संबंधित विभागों के साथ अभियान की नियमित समीक्षा कर जल संरक्षण के तहत हुए कार्यो का निरीक्षण करें।
श्री वी. श्रीनिवास ने अभियान के तहत टोंक जिले में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, स्वायत्त शासन, वाटर शैड, भूजल एवं वन विभाग द्वारा जल संचय के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन में कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित कर पेयजल परियोजनाओं को हस्तांतरित करने का कार्य किया जाएं।

प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ईसरदा बांध के निर्माण कार्य एवं पेयजल वितरण की प्रगति और पीएचईडी प्रोजेक्ट की पूर्णता को लेकर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इसमें गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बांध निर्माण में भूमि अवाप्ति की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड, जिला कलेक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक रोशन मीना, एडीएम विनोद कुमार मीना, सीईओ राकेश कुमार मीना, मुख्य अभियंता (पीएचईडी) राजसिंह, अधीक्षण अभियंता ईसरदा बांध जितेन्द्र लुहाड़िया समेत जल संसाधन, पीएचईडी, स्वायत्त शासन, वाटर शैड, कृषि एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहें।
मुख्य सचिव ने किया साइबर थाने का निरीक्षण
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने साइबर पुलिस थाना टोंक का निरीक्षण कर साइबर क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण एवं पीड़ितों को त्वरित राहत देने में अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीड़ित से शिकायत मिलते ही पुलिस, बैंकिग संस्थाओं और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने की कार्रवाई शुरु होनी चाहिए। उन्होने साइबर क्राइम थाने में शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके पंजीकरण, एफआईआर, साक्ष्यों के संकलन, जांच प्रक्रिया और प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों के प्रभावी निस्तारण के लिए कार्मिकों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। उन्होंने म्यूल अकाउंट की पहचान, संदिग्ध खातों को तुरंत फ्रीज या सीज करने, साइबर ठगी में दर्ज एफआईआर के लंबित चालान नियत समयावधि में पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन के बीच बड़े स्तर साइबर क्राइम की धोखाधड़ी से बचने को लेकर जन जागरुकता कैंपन चलाने पर जोर दिया।
इस दौरान संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड, जिला कलेक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक रोशन मीना, एडीएम विनोद कुमार मीना, एएसपी रतन लाल भार्गव, सीईओ राकेश कुमार मीना समेत अन्य प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी मौजूद रहें।

