साइबर ठगी में हर सेकंड अहम, शिकायत मिलते ही हो त्वरित कार्रवाई : मुख्य सचिव

साइबर ठगी में हर सेकंड अहम, शिकायत मिलते ही हो त्वरित कार्रवाई : मुख्य सचिव

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर साइबर क्राइम थाने का किया निरीक्षण, 1930 से बैंक खाते तक रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत करने के निर्देश

गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा

जयपुर, 5 अक्टूबर2026

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान सरकार ने साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने पर जोर दिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ जयपुर पुलिस आयुक्तालय स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर कार्रवाई और ठगी की रकम को ट्रेस करने की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। शिकायत मिलते ही पुलिस, बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय होना चाहिए, ताकि ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और पीड़ित को राहत दिलाने की संभावना बढ़ सके।

1930 से बैंक खाते तक तेज हो रिस्पॉन्स सिस्टम

मुख्य सचिव ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने से लेकर संबंधित बैंक खाते पर कार्रवाई होने तक प्रत्येक स्तर पर लगने वाले समय का नियमित विश्लेषण किया जाए।

उन्होंने बैंकिंग संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, संदिग्ध खातों की तत्काल पहचान करने और ठगी की रकम के ट्रेल को तेजी से ट्रैक करने पर विशेष जोर दिया।

शिकायत से जांच तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा

साइबर क्राइम थाने के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने शिकायत प्राप्त होने, शिकायत के पंजीकरण, एफआईआर दर्ज करने, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण तथा जांच की प्रगति तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।

उन्होंने साइबर अपराध की जांच के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और पुलिसकर्मियों की दक्षता की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही पुलिसकर्मियों के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

अभय कमांड सेंटर का भी किया निरीक्षण

मुख्य सचिव ने अभय कमांड सेंटर का दौरा कर 1930 और 112 कॉल सेंटर के संचालन की जानकारी ली। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने उन्हें प्राप्त शिकायतों और उन पर की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी की रकम का ट्रेल पकड़ने और उसे सुरक्षित कराने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन की तत्काल जांच जरूरी है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने समयबद्ध कार्रवाई पर दिया जोर

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कार्मिक, त्वरित प्रतिक्रिया और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत प्राप्त होने से लेकर एफआईआर, ठगी की धनराशि सुरक्षित कराने और जांच पूरी होने तक हर स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डीजीपी ने कहा कि आमजन को साइबर ठगी के नए तरीकों से बचाने के लिए पुलिस की ओर से विभिन्न माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह, विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. अजय सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस कुंवर राष्ट्रदीप, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन) प्रदीप मोहन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) डॉ. रामेश्वर सिंह सहित जयपुर पुलिस आयुक्तालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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