सर्पदंश से मृत कृषक के परिवार को मिला आर्थिक संबल, जिला कलेक्टर ने सौंपा 10 लाख रुपये के बीमा दावे का चेक..

सर्पदंश से मृत कृषक के परिवार को मिला आर्थिक संबल, जिला कलेक्टर ने सौंपा 10 लाख रुपये के बीमा दावे का चेक..

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

सीकर, 10 जून 2026

राज्य सरकार की कृषक हितैषी योजनाओं के तहत सीकर जिले के एक किसान परिवार को बड़ी राहत मिली है। सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, सीकर के प्रशासक एवं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने राजस्थान सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत फतेहपुर तहसील के नारसरा गांव निवासी दिवंगत कृषक भागीरथमल की पत्नी एवं नामिनी किस्तूरी देवी को बीमा दावा राशि का चेक सौंपा।

जानकारी के अनुसार कृषक भागीरथमल की खेत पर कृषि कार्य करते समय सर्पदंश के कारण मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद राजस्थान सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत उनके परिवार को 10 लाख रुपये की बीमा सहायता स्वीकृत की गई। जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने परिवार को चेक सौंपते हुए उनके प्रति संवेदना व्यक्त की तथा हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने मृतक कृषक के परिजनों से मुलाकात कर उनकी वर्तमान सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा संचालित दुर्घटना बीमा एवं रिस्क रिलीफ फण्ड (आरआरएफ) जैसी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक कृषक इन योजनाओं का लाभ उठा सकें और किसी भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबन्ध निदेशक भंवर सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि बैंक से ऋण प्राप्त करने वाले प्रत्येक कृषक का मात्र 291 रुपये प्रीमियम पर 10 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा किया जाता है। इसके अलावा रिस्क रिलीफ फण्ड (आरआरएफ) योजना के तहत केवल एक प्रतिशत प्रीमियम पर कृषक की संपूर्ण ऋण राशि का भी बीमा किया जाता है। इन योजनाओं का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों में किसानों एवं उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। ऐसी योजनाएं संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के लिए सहारा बनती हैं और उन्हें आर्थिक रूप से संभलने में मदद करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान बैंक के मुख्य प्रबन्धक मुकेश कुमार मिठारवाल, वरिष्ठ प्रबन्धक मुकेश श्रीवास्तव, मनोज बांगड़वा तथा दाडूंदा ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बीमा दावा राशि प्राप्त करने के बाद मृतक कृषक की पत्नी किस्तूरी देवी एवं उनके परिजनों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और सहकारी बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से परिवार को कठिन समय में आर्थिक संबल मिलेगा तथा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार की यह पहल किसानों एवं उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है, जो किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक राहत प्रदान कर रही है।

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