15 अगस्त तक पूरे करें स्थानांतरण, चुनावी तैयारी में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग…
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर,21 जुलाई 2026
जयपुर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के आगामी आम चुनावों की तैयारियों के तहत राज्य सरकार को संवेदनशील पदों पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानदंडों के विपरीत पदस्थापित अधिकारियों का स्थानांतरण 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास, पुलिस एवं राजस्व विभाग सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उनके गृह क्षेत्र अथवा निर्धारित अवधि से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित नहीं रखा जाएगा।
निर्देशों में कहा गया है कि नगर निगम एवं नगर परिषद क्षेत्रों में आयुक्त, उपायुक्त, अधिशासी अधिकारी, थाना प्रभारी, आबकारी निरीक्षक, तहसीलदार एवं पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह नगरीय क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे। इसी प्रकार पंचायत समिति क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी, थाना प्रभारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार तथा पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित नहीं किए जाएंगे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल 2026 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए पिछले चार वर्षों में तीन वर्ष से अधिक अवधि तक एक ही जिले, नगरीय क्षेत्र अथवा पंचायत समिति क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी इन मानदंडों के विपरीत वर्तमान में पदस्थापित है तो उसका स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध पूर्व चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग अथवा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव संबंधी लापरवाही के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों, उन्हें चुनाव से सीधे जुड़े किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद निर्वाचन कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। केवल विशेष परिस्थितियों में, यदि राज्य सरकार किसी मामले में निर्धारित मानदंडों में शिथिलता चाहती है, तो उसे पूरा विवरण आयोग को भेजकर पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।
आयोग के इस आदेश के बाद प्रदेशभर में विभिन्न विभागों में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। विशेष रूप से पुलिस, राजस्व, स्वायत्त शासन एवं पंचायतीराज विभाग में व्यापक स्थानांतरण किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है।

