प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026 में भीलवाड़ा प्रदेश में प्रथम, राज्य स्तरीय समारोह में जिले को विविध श्रेणी में मिले 2 सम्मान..
पंचायत राज मंत्री ने प्लास्टिक कचरे के सर्वाधिक संग्रहण, बेचान, आय अर्जित करने एवं सोशल मीडिया जनजागरूकता की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर किया सम्मानित
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 5 अगस्त 2026
जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में भीलवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026 में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले को प्लास्टिक कचरे का सर्वाधिक संग्रहण, बेचान एवं उससे सर्वाधिक आय अर्जित करने के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया।

जयपुर में बुधवार को आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पंचायत राज मंत्री श्री मदन दिलावर एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव श्री जोगाराम तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका ने यह सम्मान प्रदान किया। पंचायत राज मंत्री ने जिले की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं नवाचार की सराहना करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारियों, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की टीम, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता कर्मियों एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी को दिया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से चलाए गए अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और भविष्य में भी जिले को स्वच्छ एवं प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
अभियान के दौरान भीलवाड़ा जिले ने प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, उसके वैज्ञानिक निस्तारण, विक्रय एवं उससे आय अर्जित करने में पूरे प्रदेश में सर्वोच्च प्रदर्शन किया, जिसके लिए जिले को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त 16 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026 के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने में भी भीलवाड़ा ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। अभियान के तहत सर्वाधिक पोस्ट एवं टैग करने के लिए भी जिले को राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के तौर पर यह सम्मान आसींद पंचायत समिति के विकास अधिकारी श्री भंवर सिंह चारण ने ग्रहण किया।

