प्रतापपुरा में जंगली सूअरों का आतंक, किसानों की फसलें बर्बाद; विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
शाहपुरा 6 अगस्त 2026,
प्रतापपुरा ग्राम पंचायत में जंगली सूअरों के लगातार बढ़ते आतंक से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। रात्रि के समय खेतों में घुसकर जंगली सूअर खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर चिंता और भय का माहौल है।
प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो फसलों को होने वाला नुकसान और अधिक बढ़ सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
समाजसेवी शंकरलाल गाडरी ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों को दी जा चुकी है। उनके अनुसार अधिकारियों ने मामले का संज्ञान तो लिया है, लेकिन अभी तक जंगली सूअरों से बचाव के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कृषि विभाग एवं वन विभाग से संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सूअरों को पकड़ने के लिए आवश्यक उपकरण, मानव-हितैषी नियंत्रण उपाय तथा तकनीकी सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों एवं किसानों ने प्रशासन से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने तथा किसानों को उचित मुआवजा अथवा फसल बीमा योजना के तहत सहायता प्रदान करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि समय पर राहत मिलने से किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
इस वर्ष शाहपुरा तहसील में कम वर्षा और अल-नीनो के प्रभाव के कारण पहले ही खेती प्रभावित हुई है। किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में लगभग तैयार हो चुकी फसलों को जंगली सूअरों द्वारा नष्ट किए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग शीघ्र प्रभावी कदम उठाकर किसानों की फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

