ओलावृष्टि से प्रभावित बीमित फसल के कृषकों को आपदा के 72 घण्टे के अन्दर पर दर्ज करानी होगी शिकायत,कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाईन 14447 पर दर्ज करा सकते है शिकायत ,खेत में कटी हुई एवं सुखाने के लिए रखी बीमित फसलों की ही दर्ज होगी शिकायत
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
भीलवाडा , 19 फरवरी | जिले में विगत दिनों हुई ओलावृष्टि से प्रभावित बीमित फसलें जो वर्तमान में काटकर खेत में सूखाने के लिए रखी हुई है एवं खराब हुई है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ उठाने हेतु फसल खराबें से 72 घण्टे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्प लाईन नम्बर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परिचालन मार्गदर्शिका, 2023 के एवं विभागीय अधिसूचना के अनुरूप फसल कटाई उपरांत अधिकतम 14 दिन की अवधि में सूखने के लिये खेत में काटकर फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से व्यक्तिगत आधार पर हुये नुकसान के लिये फसल बीमा क्लेम आवरण उपलब्ध जिससे योजनान्तर्गत बीमित पीड़ित कृषकों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सकें।संयुक्त निदेशक जैन ने बताया कि प्रभावित बीमित फसल के कृषक को आपदा के 72 घण्टे के अन्दर सीधे भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाईन 14447 पर अथवा चेटबाट न 7065514447 पर अथवा क्रोप इन्श्योरेन्स एप्प अथवा लिखित में अपने बैंक, कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक है।फसल कटाई उपरान्त के जोखिमों के अंतर्गत फसलों की क्षति के आंकलन हेतु बीमा कम्पनी को आपदा की सूचना प्राप्त होने के 48 घण्टे के अन्दर सुनिश्चित परिचालन मार्गदर्शिका 2023 (खरीफ 2023 से लागू) के बिन्दु संख्या 21.6.8.1 के अनुसार होगा। सर्वेयर द्वारा क्षति का आंकलन 10 दिन के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा क्षति का आंकलन सम्बन्धित कृषक व स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के साथ संयुक्त रूप से किया जायेगा। यदि अधिसूचित इकाई क्षेत्र में फसल के कुल बीमित क्षेत्र को 25 प्रतिशत से अधिक की क्षति की सूचना प्राप्त होती है, तो अधिसूचित इकाई के वे कृषक जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया है तथा कृषक, जिनके द्वारा बीमा कम्पनी को निर्धारित समयावधि में पोस्ट हार्वेस्ट हानि का इंटीमेशन किया गया है उनको सेंपल सर्वे के आधार पर क्षतिपूर्ति देय होगी। ऐसी स्थिति में सर्वेयर द्वारा सम्बन्धित कृषकों व स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारीध्कर्मचारी की संयुक्त समिति के द्वारा सीमित क्षेत्र में कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर फसल की क्षति का प्रतिशत निर्धारित किया जायेगा।

