जयपुर में 10वां ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों का सम्मेलन संपन्न, औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणा-पत्र जारी..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 6 अगस्त2026
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 10वां ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों का सम्मेलन गुरुवार को जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया और नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) के तहत औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक मंथन किया।
“सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में एमएसएमई, फोटोवोल्टिक्स, स्टार्टअप्स, लॉजिस्टिक्स तथा डिजिटल औद्योगिक विकास जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक के अंत में सदस्य देशों ने औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से संयुक्त घोषणा-पत्र को भी स्वीकार किया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जयपुर को भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा और आधुनिक औद्योगिक विकास का उत्कृष्ट संगम बताया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स देशों को अपनी पूरक क्षमताओं का उपयोग कर मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि PartNIR आज ब्रिक्स देशों के बीच औद्योगिक सहयोग का प्रमुख मंच बन चुका है।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। इनमें एमएसएमई वर्किंग ग्रुप के सहयोगी ढांचे को अंतिम रूप देना, फोटोवोल्टिक उद्योग पर वर्किंग ग्रुप के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ एवं कार्ययोजना को मंजूरी देना तथा स्टार्टअप आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करना शामिल है। साथ ही, जीआईएस आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सिस्टम को भी औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत, समावेशी और टिकाऊ औद्योगिक साझेदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सहयोग, नवाचार और आपसी विश्वास को भविष्य की औद्योगिक प्रगति का आधार बताया।
सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की संयुक्त घोषणा रही, जिसमें सदस्य देशों ने केवल संवाद तक सीमित न रहकर व्यावहारिक सहयोग, औद्योगिक नवाचार, क्षमता विकास और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में भारत ने ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि नवाचार आधारित औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके। इसके साथ ही फोटोवोल्टिक उद्योग पर ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप के लिए कार्य-निर्देश और कार्ययोजना को भी औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया।
सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने अपनी औद्योगिक नीतियों, प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए डिजिटल परिवर्तन, हरित औद्योगिकीकरण, तकनीकी नवाचार और समावेशी विकास पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सभी प्रतिनिधियों ने भारत की 2026 की अध्यक्षता में हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि इससे ब्रिक्स देशों के बीच संस्थागत सहयोग और भविष्य उन्मुख उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
आज होगी 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक
भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक का आयोजन करेगा। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी इसमें भाग लेंगे।
बैठक में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने, एमएसएमई की वैश्विक भागीदारी बढ़ाने, मजबूत एवं विविध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने, डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देने तथा आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के मंत्री जयपुर के सिटी पैलेस और हवा महल का सांस्कृतिक भ्रमण भी करेंगे, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता का परिचय विश्व समुदाय को मिलेगा।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह सम्मेलन औद्योगिक सहयोग, नवाचार, निवेश, व्यापार और सतत विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही, यह पहल ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

