महंत मोहन शरण शास्त्री के सानिध्य में 19 अप्रैल को भीलवाड़ा में होगा विराट सामूहिक विवाह महोत्सव, तैयारियां अंतिम चरण पर…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 17 अप्रैल2026
लोककल्याण और सामाजिक समरसता के भाव को साकार करने वाला एक भव्य आयोजन 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शहर में आयोजित होने जा रहा है। महंत मोहन शरण शास्त्री के सानिध्य में आयोजित प्रथम विराट सामूहिक सकल हिंदू समाज विवाह महोत्सव की तैयारियां पूरे जोश और उत्साह के साथ अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
श्री निंबार्क पारमार्थिक सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस आयोजन में संत समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करते हुए सामाजिक एकता और सेवा भावना को मजबूत करना है।

धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत इस आयोजन की प्रेरणा संत परंपरा की उसी विचारधारा से जुड़ी है, जिसमें “संत हृदय नवनीत समाना”—अर्थात संतों का स्वभाव सरल, निश्छल और परोपकारी होता है। इसी लोकहितकारी भावना से प्रेरित होकर महंत मोहन शरण शास्त्री ने समाजहित में इस भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख संतों का सानिध्य भी प्राप्त होगा,
इस भव्य आयोजन के मुख्य यजमान राकेश एवं दीपिका शर्मा हैं। सम्मेलन में कुल 31 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 83 प्रकार के घरेलू उपयोगी सामान उपहार स्वरूप भेंट किए जाएंगे, जिनमें सोने का मंगलसूत्र, सोने की नोज पिन, चांदी की पायल व बिछिया, अलमारी, पलंग, सिलाई मशीन, पंखा, मिक्सी, प्रेस, कुर्सी, टेबल, सूटकेस सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। यह महोत्सव ऋषि श्रृंग संस्थान, हरनी महादेव रोड, शास्त्री नगर में आयोजित होगा। आयोजन की शुरुआत प्रातः 7:15 बजे गणपति एवं कलश स्थापना से होगी। इसके बाद प्रातः 9:15 बजे चित्रकूट धाम से भव्य शोभायात्रा एवं बारात प्रस्थान करेगी, जिसमें घोड़े-बग्गी, भगवा एवं पीतांबरी ध्वज और राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
प्रातः 11:15 बजे तोरण एवं बारात स्वागत, दोपहर 12:15 बजे वरमाला एवं संत सम्मान समारोह, दोपहर 2:15 बजे पाणिग्रहण संस्कार तथा सायंकाल 4:15 बजे विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस विराट आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कार्यों हेतु अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है, जो पूरे समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं। समाजसेवा और सहयोग की भावना से ओत-प्रोत यह सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और परोपकार का सशक्त संदेश भी देगा।

