सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी की सख्ती: सीकर में कोचिंग विद्यार्थियों के लिए मूवमेंट रजिस्टर अनिवार्य, हॉस्टलों का पंजीयन जरूरी…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
सीकर, 17 अप्रैल2026
जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन और नशा मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर आशीष मोदी के नेतृत्व में प्रशासन ने प्रभावी पहल शुरू की है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की जिला स्तरीय समिति एवं कोचिंग संस्थान निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में कलेक्टर मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में विद्यार्थियों का मूवमेंट रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाए, ताकि उनकी सुरक्षा और गतिविधियों पर निगरानी सुनिश्चित हो सके। साथ ही प्रत्येक हॉस्टल और पीजी का पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आएगी।

नशा मुक्त सीकर के लक्ष्य को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड को “नो-टोबैको जोन” घोषित कर वहां विशेष निगरानी रखने को कहा गया। पुलिस विभाग को इन क्षेत्रों में नियमित और रेंडम जांच के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर मोदी ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी कोचिंग संस्थानों में काउंसलर नियुक्त करने, नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने और योग, मेडिटेशन व तनाव मुक्ति कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सप्ताह में एक दिन “मेडिटेशन एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट डे” के रूप में मनाने पर भी जोर दिया। बैठक में “ऑपरेशन संकल्प” के तहत नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की रणनीति बनाई गई। इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम, गेटकीपर प्रशिक्षण और साइनेज के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि “ड्रग-फ्री कैंपस” का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने बताया कि नशे की चपेट में आने वाले विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रहेगा और प्रत्येक कोचिंग संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखेगा। नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली लागू करने और एक समर्पित टीम गठित करने का सुझाव दिया, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों, हॉस्टल संचालकों और सामाजिक संगठनों ने भी अपने सुझाव रखे और सीकर को “नो-टोबैको फ्री” बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर सहमति जताई।
कलेक्टर आशीष मोदी की कार्यकुशलता की सराहना
जिला कलेक्टर आशीष मोदी की कार्यशैली और दूरदर्शिता की बैठक में व्यापक सराहना हुई। विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील विषयों पर उनका गंभीर और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट उदाहरण है। उनके नेतृत्व में सीकर में शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जो जिले के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

