पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, सड़क पर गिरी एक हजार किलो चमकीली धातु सुरक्षित हटवाई
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
Bhilwara 25 मई 2026,
टोंक जिले के बीसलपुर डैम पर आयोजित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के आगमन के दौरान जिला भीलवाड़ा से सीपीटी ड्यूटी में लगाए गए जिला विशेष शाखा (डीएसबी) के पुलिसकर्मियों ने अपनी सतर्कता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए सराहनीय कार्य किया।

डीएसबी के सहायक उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ड्यूटी समाप्ति के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे वापस भीलवाड़ा के लिए रवाना हुई। टीम में राघवेंद्र सिंह एफसी-525, भगवती लाल एफसी-1903, योगेंद्र सिंह एफसी-1961, धर्मेंद्र सिंह एफसी-298, गोविंद लाल एफसी-1022 थाना पंडेर तथा वाहन चालक लोकेश कुमार एफसी-311 पुलिस लाइन शामिल थे।
पंडेर-कोटड़ी मार्ग पर स्थित आरआर ईंट उद्योग, सुभाष नगर पंडेर के पास दोपहर करीब 2:20 बजे डीसीबी टीम के कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह की नजर सड़क पर पड़ी एक चमकीली भारी धातु पर गई। टीम ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि सड़क पर लगभग 1000 किलो वजनी धातु पड़ी हुई थी। अचानक सड़क पर इतनी भारी धातु मिलने से किसी संभावित दुर्घटना या अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

टीम ने आसपास जानकारी जुटाई तथा मार्ग से गुजर रहे बाइक सवारों एवं अन्य लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान एक बड़े वाहन के गुजरने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने तत्काल दो भागों में बंटकर कार्रवाई की। एक टीम मौके पर निगरानी के लिए रुकी, जबकि दूसरी टीम संभावित वाहन
पीछा करने रवाना हुई।
जांच के दौरान वाहन संख्या HR 55 BA 2535 को रोका गया, जिसे चालक कालूराम पुत्र कृष्ण गोपाल कुमावत निवासी संताली थाना सावर जिला अजमेर चला रहा था। चालक ने बताया कि वह हिंदुस्तान जिंक माइंस, रुद्रपुर उत्तराखंड से गुजरात की ओर माल लेकर जा रहा था। पुलिस टीम ने चालक को उसकी गाड़ी से चमकीली धातु गिरने की जानकारी दी और पुनः घटनास्थल पर लाया गया। बाद में जेसीबी की सहायता से धातु को सुरक्षित हटवाकर वाहन में रखवाया गया तथा संबंधित नजदीकी थाने को भी मामले से अवगत कराया गया।
पुलिस टीम की तत्परता, सूझबूझ एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली से संभावित बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

