भीलवाड़ा को मिलेगा आधुनिक न्यायालय परिसर, 62 बीघा भूमि पर हुआ भूमि पूजन..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 5 अप्रैल2026
जिले में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सांगानेर-तस्वारिया क्षेत्र में 62 बीघा भूमि पर नवीन जिला न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि आमजन को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने के लिए न्यायिक प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, लेकिन उनका उपयोग व्यावहारिक और परिणामोन्मुख होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने नए न्यायालय परिसर में पर्याप्त कोर्ट रूम, अधिवक्ताओं के चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, पुस्तकालय, प्रतीक्षालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं के समुचित विकास पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि सशक्त और सुदृढ़ न्याय व्यवस्था की नींव रखने का संकल्प है। उन्होंने न्याय व्यवस्था को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए इसे सुलभ और प्रभावी बनाने पर बल दिया।
इस दौरान न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी, न्यायाधिपति फरजन्द अली, न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन सहित कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला अभिभाषक संस्था, भीलवाड़ा की वर्ष 2026 की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लाल बुनकर, कोषाध्यक्ष रवि गोरानी, सह-सचिव आदित्य सिंह चौहान और पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
न्यायाधिपति पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बताया, वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को अध्ययन और परिश्रम के लिए प्रेरित किया। न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर ने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने कहा कि नए परिसर के निर्माण से स्थानाभाव की समस्या दूर होगी और न्यायिक कार्यों में गुणवत्ता सुधार आएगा। बार अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़ ने इसे भविष्य में हजारों नागरिकों को बेहतर न्याय दिलाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान जिला एवं सत्र न्यायालय वर्ष 1948 से संचालित हो रहा है और स्थान की कमी के कारण कई न्यायालय अलग-अलग स्थानों से संचालित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायालय स्टाफ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

