महिमा पैनारोमा में नवनिर्मित मंदिर लोकार्पण महोत्सव का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा ने बांधा श्रद्धा का समां…
राजेंद्र कुमार शर्मा/ गौरव रक्षक न्यूज
22जून 2026,जयपुर ।
महिमा पैनारोमा में नवनिर्मित मंदिर के लोकार्पण महोत्सव के प्रथम दिवस पर सोमवार को भव्य एवं श्रद्धामय कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और जयकारों से माहौल पूरी तरह धार्मिक उल्लास से भर गया।

कार्यक्रम की शुरुआत संकट मोचन वीर हनुमान मंदिर से हुई, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के पश्चात कलश यात्रा रवाना की गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में माताओं एवं बहनों ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया। महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा, श्रद्धा और उत्साह ने यात्रा की शोभा को और भी बढ़ा दिया।

कलश यात्रा के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों को सुसज्जित वाहन में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर देव प्रतिमाओं का स्वागत किया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मनमोहक भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। यात्रा में शामिल भक्तों द्वारा लगाए जा रहे “जय श्रीराम”, “जय बजरंगबली” और अन्य धार्मिक जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।

नगर भ्रमण के बाद कलश यात्रा महिमा पैनारोमा प्रांगण पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूरे परिसर की परिक्रमा की। इसके पश्चात नवनिर्मित मंदिर स्थल पर विधिवत आरती का आयोजन किया गया। आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस धार्मिक आयोजन में महिमा पैनारोमा के समस्त निवासियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। सोसाइटी के सभी परिवारों ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर धार्मिक उत्सव का आनंद लिया।
कार्यक्रम के समापन पर भगवान का भंडारा एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और सामुदायिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मंदिर लोकार्पण महोत्सव के प्रथम दिवस की इस भव्य कलश यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संदेश दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा महिमा पैनारोमा परिसर भक्ति एवं उल्लास के रंग में रंगा हुआ नजर आया।

