वृद्धाश्रम में विधिक साक्षरता शिविर एवं निरीक्षण आयोजित..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 12 अगस्त2026
जिले में बुधवार को श्री गोविंद वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रश्मि आर्य ने निरीक्षण किया। इस अवसर पर वृद्धजनों के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित वृद्धजनों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
निरीक्षण के दौरान श्री गोविंद वृद्धाश्रम के अध्यक्ष श्री रमेंद्र अवस्थी एवं निदेशक श्री नीरज पारासर सहित श्री शांतिलाल जैन, सदस्य, लोक अदालत, श्री सुनील पारीक, चीफ LADCS अधिवक्ता, श्री पुनीत मेहता, सीए, श्री मनोज व्यास, श्री दीपक अग्रवाल, श्री विकास गायरी, श्री जनार्दन उपाध्याय सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर श्री राधाजीवन संध्या संस्थान के पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें श्री ललित कालिया, श्री कैलाश जी कावरा, लड्ढा जी एवं श्री राजकुमार जगेटिया शामिल थे।
श्रीमती रश्मि आर्य ने वृद्धाश्रम परिसर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए वृद्धजनों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए प्रबंधन एवं समस्त कार्मिकों द्वारा वृद्धजनों की सेवा एवं देखभाल के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती आर्य ने वृद्धजनों के साथ आत्मीयता से संवाद किया और उनके साथ बैठकर भोजन भी चखा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि वृद्धजनों को परिवार जैसा वातावरण एवं सम्मान प्रदान करना अत्यंत सराहनीय कार्य है।
आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में वृद्धजनों को उनके अधिकारों, विधिक संरक्षण तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं उपस्थित अधिवक्ताओं ने वृद्धजनों की विभिन्न समस्याओं को सुना तथा उन्हें आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस आत्मीय एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण कार्यक्रम से वृद्धजन भी बेहद प्रसन्न नजर आए। उन्होंने श्रीमती रश्मि आर्य एवं पूरी टीम के आगमन तथा उनके द्वारा दिए गए सम्मान, समय एवं कानूनी मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं आत्मीय वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूत करना रहा।

