पाकिस्तान से आई हेरोइन के 200 सप्लायरों की ₹300 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त,चार साल में ड्रोन के जरिए राजस्थान पहुंचाई गई 175.89 किलो हेरोइन, कीमत करीब ₹351.78 करोड़

पाकिस्तान से आई हेरोइन के 200 सप्लायरों की ₹300 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त,चार साल में ड्रोन के जरिए राजस्थान पहुंचाई गई 175.89 किलो हेरोइन, कीमत करीब ₹351.78 करोड़

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

जयपुर,25सितम्बर 2026

राजस्थान में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन की तस्करी के मामलों में अब जांच एजेंसियां तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। एनसीबी की ओर से ऐसे करीब 200 सप्लायरों और तस्करों का डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है, जिनकी करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई प्रस्तावित है। जोनल डायरेक्टर धनश्याम सोनी के अनुसार, पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स ने पिछले चार वर्षों में ड्रोन के माध्यम से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में बड़ी मात्रा में हेरोइन पहुंचाई। वर्ष 2022 से 2026 तक अब तक 53 मामलों में 175.89 किलो हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 351.78 करोड़ रुपये बताई गई है।

चार साल में 351 करोड़ की हेरोइन की तस्करी

एनसीबी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में 17 मामलों में 46.42 किलो, वर्ष 2023 में 16 मामलों में 74.03 किलो, वर्ष 2024 में 15 मामलों में 39.13 किलो, वर्ष 2025 में 3 मामलों में 1.67 किलो तथा वर्ष 2026 में अब तक 2 मामलों में 14.64 किलो हेरोइन बरामद की गई।

सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए पहुंच रही थी खेप

रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में हेरोइन की खेप पहुंचाई जा रही थी। तस्करी के इस नेटवर्क में स्थानीय सप्लायरों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के बीच संपर्क की बात सामने आई है। कुछ मामलों में तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराई गई खेप को उठाकर आगे सप्लाई करने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई

एनसीबी की ओर से ऐसे मामलों में आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटाकर डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान के बाद एनडीपीएस एक्ट और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई न करते हुए उनके आर्थिक स्रोतों पर भी शिकंजा कसना है।

घनश्याम सोनी ने कहा—डेटा बैंक तैयार कर रही एनसीबी

रिपोर्ट में एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के हवाले से बताया गया है कि राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े तस्करों और सप्लायरों की जानकारी एकत्र की जा रही है। एनसीबी के पास उपलब्ध मामलों के आधार पर डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद संपत्तियों की जांच और जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

ड्रोन तस्करी रोकना बड़ी चुनौती

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों की ओर से निगरानी एवं कार्रवाई लगातार की जा रही है। नशे के नेटवर्क के खिलाफ अब जांच एजेंसियों का फोकस सप्लायरों की संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई करने पर भी है।

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