रतलाम जिला पंजीयक कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग सबसे अधिक परेशान..
गौरव रक्षक/ सुशांत तिवारी
10जुलाई,2026/रतलाम
करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले रतलाम के जिला पंजीयक (रजिस्ट्रार) कार्यालय में आज भी मूलभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें पीने के पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, पंखों तथा दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं के अभाव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक महलवाड़ा परिसर में संचालित जिला पंजीयक कार्यालय तक पहुंचने के लिए करीब 15–16 ऊंची सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को सबसे अधिक कठिनाई होती है। कई बार परिजनों को दिव्यांग व्यक्ति को ट्राइसाइकिल सहित उठाकर सीढ़ियां पार करानी पड़ती हैं, जिससे उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र नागर ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों में दिव्यांगजनों के लिए रैंप और रेलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है, लेकिन जिले के सबसे महत्वपूर्ण पंजीयक कार्यालय में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों रजिस्ट्रियों से विभाग को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद आवश्यक सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है।
कार्यालय परिसर में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को बाहर खुले में लघुशंका करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है। वहीं भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पंखों और शीतल पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से आमजन को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र नागर ने इस संबंध में राजस्व मंत्री एवं रतलाम कलेक्टर को पत्र लिखकर जिला पंजीयक कार्यालय में रैंप, रेलिंग, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, पंखे तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि आमजन, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।

