13 साल से लापता बालक करौली से दस्तयाब, कोटा शहर की मानव तस्करी विरोधी यूनिट को मिली सफलता…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर 17 अक्टूबर,2026
कोटा शहर पुलिस की मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने 13 वर्ष से लापता बालक को जिला करौली के ग्राम ढिंढोरा से दस्तयाब किया है। गुमशुदा होने के समय बालक की उम्र 11 वर्ष थी। उसकी दस्तयाबी पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। पुलिस मुख्यालय, राजस्थान, जयपुर द्वारा अक्टूबर 2026 में बच्चों की अधिकाधिक दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “खुशी-XI” के तहत यह कार्रवाई हुई।
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक श्रीमती तेजस्वनी गौतम ने बताया कि वर्ष 2013 में रेलवे स्टेशन पर 11 वर्षीय बालक निराश्रित हालत में मिला था। उसे उत्कर्ष संस्थान, कोटा में अस्थायी आश्रय दिलाया गया था, लेकिन वह संस्था से बिना बताए चला गया। इस पर 15 सितम्बर 2013 को संस्थान की ओर से थाना कुन्हाड़ी, कोटा शहर में रिपोर्ट दी गई, जिस पर धारा 363 आईपीसी में प्रकरण दर्ज कर बालक की तलाश शुरू की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (प्रभारी, महिला अपराध अनुसंधान सैल) श्री मुकेश सांखला के निर्देशन और मानव तस्करी विरोधी यूनिट की प्रभारी निरीक्षक श्रीमती मीनाक्षी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने राजस्थान और अन्य राज्यों में लगातार तलाश की। आसूचना संकलन और नेटग्रिड से मिली जानकारी के आधार पर 16 अक्टूबर 2026 को पता चला कि बालक हिण्डौन सिटी के पास स्थित ग्राम ढिंढोरा (जिला करौली) में है।
सूचना मिलते ही टीम को तुरंत रवाना किया गया। टीम ने गांव पहुंचकर बालक को तलाश किया और उसे साथ लेकर कोटा आई। अग्रिम अनुसंधान के लिए उसे थाना प्रभारी कुन्हाड़ी, कोटा शहर को सुपुर्द किया गया।
कार्रवाई करने वाली टीम में सउनि श्री केशव सिंह और सउनि श्री श्योजीराम शामिल रहे।

