दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से मचा हड़कंप, राजधानी में हाई अलर्ट; 2,000 से अधिक लोग हिरासत में, मेट्रो और रेल सेवाएं प्रभावित..

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से मचा हड़कंप, राजधानी में हाई अलर्ट; 2,000 से अधिक लोग हिरासत में, मेट्रो और रेल सेवाएं प्रभावित..

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन; जंतर-मंतर पर भारी बैरिकेडिंग, केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा सख्त, कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों के आह्वान पर शनिवार को दिल्ली में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर और केंद्रीय दिल्ली के प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और मेट्रो, रेल तथा सड़क यातायात पर व्यापक असर पड़ा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर तक 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद राजधानी में विरोध की गतिविधियां जारी रहीं। जंतर-मंतर, जनपथ, संसद मार्ग और आसपास के प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई तथा पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई।

पुलिस की कार्रवाई के चलते कई प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर छोटे-छोटे समूहों में प्रदर्शन हुए। आईएनए, दिल्ली हाट, सफदरजंग फ्लाईओवर, कनॉट प्लेस और अन्य इलाकों में भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी।

2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की खबर

प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। इंडियन एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। वहीं, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और कार्रवाई के दायरे को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके सहित आंदोलन से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। यूट्यूबर ध्रुव राठी और अन्य प्रदर्शनकारियों की हिरासत की भी रिपोर्टिंग हुई। हालांकि, मनीष सिसोदिया, ममता बनर्जी, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव सहित सभी नामों के संबंध में हिरासत की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का निर्णय लागू किया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिबंध शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम 6 बजे तक निर्धारित था। प्रभावित स्टेशनों में केंद्रीय दिल्ली के कई प्रमुख स्टेशन शामिल थे। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा को लेकर भी विशेष प्रतिबंध की जानकारी दी गई।

इस व्यवस्था से दैनिक यात्रियों, कार्यालय जाने वाले लोगों और रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो की ताजा स्थिति और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने की सलाह दी गई।

रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सड़क यातायात की स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से संबंधित कई रेल सेवाएं रद्द की गईं या उनके संचालन में बदलाव किया गया। विभिन्न रिपोर्टों में 250 से अधिक ट्रेन सेवाओं के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

रेल सेवाओं में व्यवधान के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी हुई। यात्रियों के लिए यह जरूरी रहा कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांच लें।

केंद्रीय दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध

प्रदर्शन के दौरान अफवाहों और संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्रीय दिल्ली के निर्धारित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने की रिपोर्ट है। जनपथ और कर्तव्य पथ के आसपास लगभग चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट निलंबित किए जाने की जानकारी भी मीडिया में सामने आई।

इन प्रतिबंधों का असर स्थानीय लोगों, यात्रियों और ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लोगों पर पड़ा। हालांकि, प्रतिबंधित क्षेत्र और इसकी सटीक अवधि की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक आदेश से की जानी चाहिए।

मतदाता सूची में संशोधन बना विवाद की मुख्य वजह

CJP और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों का प्रमुख आरोप मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision—SIR) से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

रिपोर्टों में मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक प्रविष्टियां हटाए जाने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस आंकड़े को सभी राज्यों और क्षेत्रों के लिए एक समान, अंतिम तथा सत्यापित संख्या मानने से पहले संबंधित आधिकारिक आंकड़ों की जांच जरूरी है। निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य दोहराव और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है। आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।

राजधानी में यातायात व्यवस्था प्रभावित

जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ और कनॉट प्लेस सहित केंद्रीय दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग तथा यातायात प्रतिबंध लागू रहे। दिल्ली पुलिस की यातायात सलाह के अनुसार, 10 अक्टूबर को कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका थी।

दिल्ली के विभिन्न प्रवेश मार्गों पर वाहनों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने से जाम की स्थिति बनी। पुलिस ने यात्रियों को प्रभावित मार्गों से बचने, अतिरिक्त समय लेकर निकलने और यातायात संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी।

आगे क्या ?

10 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम ने राजधानी में विरोध-प्रदर्शन के अधिकार, चुनावी पारदर्शिता और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रतिबंध लागू किए।

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