राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव का ऐलान, दो चरणों में होगा मतदान..
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 19अगस्त 2026
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने नगरीय निकाय आम चुनाव अगस्त-सितंबर 2026 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी प्रेस-नोट के अनुसार प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में आम चुनाव कराए जाएंगे। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं।
चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे
आयोग के अनुसार चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है, जो चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।
9 और 11 सितंबर को होगा मतदान
नगरीय निकायों के सदस्य पदों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर 2026, बुधवार को तथा दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर 2026, सोमवार को होगी।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सदस्य पदों के लिए नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 1 सितंबर को होगी, जबकि अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक रहेगी। इसके बाद 4 सितंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान
नगर निकायों के अध्यक्षीय पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया सदस्य पदों के चुनाव के बाद होगी। अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर 2026, सोमवार को कराया जाएगा। इसके लिए बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी और नामांकन पत्र प्रस्तुत करने का समय सुबह 11 बजे तक रहेगा। नामांकन पत्रों की संवीक्षा सुबह 11:30 बजे से होगी तथा अभ्यर्थिता वापस लेने का समय दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
यदि मतदान आवश्यक हुआ तो अध्यक्ष पद के लिए मतदान दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद की जाएगी। उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव 22 सितंबर 2026 को होगा।
1.44 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
इन चुनावों में प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के कुल 1,44,03,853 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। आयोग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में कुल 1,13,19,864 मतदाता थे। वर्ष 2026 में नगरीय निकायों की संख्या बढ़कर 309 होने के साथ मतदाताओं की संख्या भी बढ़कर 1.44 करोड़ से अधिक हो गई है। यह पिछले आंकड़े की तुलना में 27.24 प्रतिशत की वृद्धि है।
वर्तमान मतदाता सूची में 73,98,415 पुरुष, 70,04,927 महिलाएं और 511 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
आयु वर्ग के अनुसार मतदाता
आयोग के आंकड़ों के अनुसार 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग में 21,30,043, 26 से 35 वर्ष में 36,60,211, 36 से 50 वर्ष में 41,70,693, 51 से 59 वर्ष में 20,02,199 तथा 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग में 24,40,707 मतदाता हैं।
इसमें 36 से 50 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है, जो कुल मतदाताओं का करीब 29 प्रतिशत है। वहीं 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के मतदाता कुल संख्या का 17 प्रतिशत हैं।
जयपुर में सबसे ज्यादा मतदाता
आयोग के अनुसार 309 नगरीय निकायों में सबसे अधिक मतदाता नगर निगम जयपुर में हैं, जबकि सबसे कम मतदाता नगरपालिका इन्द्रगढ़ में हैं। इन्द्रगढ़ में कुल 4,744 मतदाता दर्ज हैं।
10,245 वार्ड और 16,465 मतदान केंद्र
वर्ष 2025 में जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर राज्य सरकार द्वारा वार्डों का पुनर्गठन एवं परिसीमन किया गया था। नए परिसीमन के बाद 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 वार्ड बनाए गए हैं।
वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में 7,500 वार्ड थे। इस प्रकार वार्डों की संख्या में 36.6 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
इसी तरह मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2019 में 10,153 मतदान केंद्र थे, जबकि वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 16,465 हो गई है। मतदान केंद्रों की संख्या में 62.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से होगा मतदान
नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर और कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग के स्वामित्व वाली एम-3 ईवीएम का इस्तेमाल होगा।
वहीं शेष 36 जिलों में राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान एवं राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश के स्वामित्व वाली मल्टी-पोस्ट सिंगल वोट/मल्टी-पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक नगरपालिका में एक ही मॉडल की मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
आयोग ने सभी जिलों को पर्याप्त संख्या में मशीनों का आवंटन कर दिया है। ईवीएम की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के लिए सॉफ्टवेयर की व्यवस्था भी की गई है।
मतदाताओं की पहचान के लिए 11 वैकल्पिक दस्तावेज
राज्य में लगभग सभी मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC जारी किए जा चुके हैं। मतदान के समय पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
यदि किसी मतदाता के पास फोटो पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो आयोग द्वारा स्वीकृत 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकेगा। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के समय इनमें से कोई एक वैध दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
मतदान केंद्रों पर होगी मतदाता सहायता
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान भवन के समीप मतदाता सहायता केंद्र (Voter Assistance Booth) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर बूथ स्तर के अधिकारियों के स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे।
नए परिसीमन के कारण कई स्थानों पर वार्ड और मतदान केंद्रों की सीमाओं में बदलाव संभव है। मतदाता सहायता केंद्रों पर मतदाताओं को मतदाता सूची में उनका क्रमांक तथा बूथ से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
करीब 1.15 लाख कार्मिक चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे
309 नगरीय निकायों में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान, मतगणना और अन्य चुनावी कार्यों के लिए करीब 1,15,255 कार्मिकों को लगाया जाएगा।
मतदान एवं मतगणना दलों के गठन के लिए आयोग द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से मतदान एवं मतगणना दलों का गठन किया जाएगा। मतदान दलों को दो स्तरीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए करीब 98,790 पुलिसकर्मी तैनात होंगे
चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की योजना तैयार की गई है। आयोग के अनुसार नगरीय निकायों के दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए करीब 98,790 पुलिस बल लगाया जाएगा।
पर्यवेक्षकों की भी होगी तैनाती
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में आवश्यकता के अनुसार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित वेतन श्रृंखला तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाइम स्केल या उससे उच्चतर वेतन श्रृंखला के अधिकारी होंगे।
पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर निगरानी रखेंगे और विशेष रूप से नामांकन पत्रों की समीक्षा, मतदान तथा मतगणना कार्य का पर्यवेक्षण करेंगे।
24 घंटे कार्य करेगा चुनाव नियंत्रण कक्ष
चुनाव से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा चुनावी गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य मुख्यालय और जिला स्तर पर चुनाव नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किए जाएंगे।
आयोग के अनुसार यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे, सातों दिन कार्य करेगा।
प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा तय
आयोग ने विभिन्न पदों के प्रत्याशियों के लिए अधिकतम चुनाव खर्च की सीमा भी निर्धारित की है।
नगर निगम पार्षद: 3.50 लाख रुपये
नगर परिषद पार्षद: 2.50 लाख रुपये
नगरपालिका सदस्य: 1.50 लाख रुपये
आयोग के अनुसार चुनाव खर्च से संबंधित प्रावधानों में संशोधन के बाद निर्धारित सीमा के अनुसार अभ्यर्थियों को अपने चुनावी व्यय का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
संतान संबंधी प्रावधान हटाए गए
राजस्थान राजपत्र में 25 मार्च 2026 को प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान नगरपालिका अधिनियम से संबंधित संतान संबंधी प्रावधानों में संशोधन कर इन्हें हटा दिया गया है। आयोग ने इस संबंध में जारी दिशा-निर्देश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेज दिए हैं।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दौरान विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मतदान के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से वापस छोड़ने की व्यवस्था के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
आचार संहिता के तहत संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में नई योजनाओं, नए विकास कार्यों और नए कार्यादेशों पर रोक रहेगी। वहीं पहले से जारी और आचार संहिता के प्रभाव से पहले शुरू हो चुके विकास कार्यों पर इसके कारण कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उम्मीदवारों के प्रचार पर भी निगरानी
चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों, लाउडस्पीकरों, कटआउट, होर्डिंग्स, पोस्टरों एवं बैनरों के प्रदर्शन और अन्य प्रचार गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए आयोग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं।
लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक होगा। लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं होगी। उम्मीदवारों द्वारा प्रचार के लिए वाहनों के उपयोग पर भी निर्धारित सीमा और अनुमति संबंधी नियम लागू होंगे।
309 निकायों में 41 प्रमुख नगरीय निकायों का विस्तृत विवरण
आयोग ने प्रेस-नोट के साथ 309 नगरीय निकायों के चुनाव से संबंधित विस्तृत विवरण भी जारी किया है। इसमें प्रत्येक जिले के नगर निगम, नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं के वार्डों तथा मतदान केंद्रों की संख्या का विवरण दिया गया है। दस्तावेज के अंतिम पृष्ठ के अनुसार कुल 10,245 वार्ड और 16,465 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
सदस्य पद
नामांकन की अंतिम तिथि — 31 अगस्त 2026
नामांकन पत्रों की संवीक्षा — 1 सितंबर 2026
अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि — 3 सितंबर 2026
चुनाव चिन्ह आवंटन — 4 सितंबर 2026
प्रथम चरण का मतदान — 9 सितंबर 2026
द्वितीय चरण का मतदान — 11 सितंबर 2026
मतगणना — 14 सितंबर 2026
मतदान समय — सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक
अध्यक्ष पद
मतदान — 21 सितंबर 2026
आवश्यक होने पर मतदान — दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक
मतगणना — मतदान समाप्ति के तुरंत बाद
उपाध्यक्ष पद
चुनाव — 22 सितंबर 2026
राज्य निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के साथ ही राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। अब राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की चुनावी तैयारियां तेज होने के साथ-साथ प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित मतदान कराने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।

