UGC के नए नियम वापस लेने की मांग, स्वर्ण (सवर्ण)समाज संघर्ष समिति ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 19 अगस्त 2026
स्वर्ण (सवर्ण)समाज संघर्ष समिति, भीलवाड़ा की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026’ को वापस लेने की मांग को लेकर राज्यपाल एवं जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
समिति ने ज्ञापन में कहा कि UGC के नए विनियमों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। समिति का आरोप है कि कुछ प्रावधानों की भाषा एवं व्याख्या स्पष्ट नहीं होने के कारण इनके दुरुपयोग की आशंका बनी हुई है। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के बीच अनावश्यक विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
समिति ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए गठित होने वाली समितियों एवं जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और दोनों पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर मिलना आवश्यक है। समिति के अनुसार, नियमों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी भी छात्र के भविष्य और शैक्षणिक कैरियर पर गलत या निराधार शिकायत का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जातिगत आधार पर भेदभाव समाप्त करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए बनाए गए नियम ऐसे होने चाहिए जो सभी विद्यार्थियों के साथ समान न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करें। समिति ने आशंका जताई कि अस्पष्ट प्रावधानों के कारण परिसर में आपसी अविश्वास तथा सामाजिक विभाजन को बढ़ावा मिल सकता है।
उल्लेखनीय है कि UGC ने 13 जनवरी 2026 को इन विनियमों को अधिसूचित किया था। इनका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकना और समता को बढ़ावा देना था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को इन विनियमों को फिलहाल प्रभावी न रखने का आदेश दिया था और इनके कुछ प्रावधानों की अस्पष्टता तथा संभावित दुरुपयोग पर विचार की आवश्यकता जताई थी। (UGC)
स्वर्ण (सवर्ण)समाज संघर्ष समिति ने मांग की कि UGC Regulations 2026 को पूर्ण रूप से वापस (Roll Back) लिया जाए और नए नियम बनाने से पहले सभी वर्गों के हितों, संवैधानिक प्रावधानों तथा निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाए। समिति ने चेतावनी दी कि मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

