अजमेर पुलिस की दो बड़ी कार्रवाई: अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा, 27 साल से फरार 15 हजार का इनामी गिरफ्तार..

अजमेर पुलिस की दो बड़ी कार्रवाई: अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा, 27 साल से फरार 15 हजार का इनामी गिरफ्तार..

स्पेशल टास्क फोर्स की 26वीं कार्रवाई, अब तक 60 बांग्लादेशी नागरिक पुलिस की गिरफ्त में; बांदरसिंदरी पुलिस ने हल्द्वानी से दबोचा 1999 से फरार आरोपी

गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा

अजमेर/जयपुर, 8 अक्टूबर2026

अजमेर जिला पुलिस ने एक ही दिन में दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को दस्तयाब किया है, वहीं चोरी के मामले में वर्ष 1999 से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी भगोड़े को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है।

पुलिस की इन दोनों कार्रवाइयों को पुराने लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की धरपकड़ तथा अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियानों से जोड़कर देखा जा रहा है।

26वीं कार्रवाई में पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक

अजमेर पुलिस द्वारा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान एवं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने 26वीं कार्रवाई करते हुए एक और बांग्लादेशी नागरिक को दस्तयाब किया है। इस कार्रवाई के साथ अब तक कुल 60 बांग्लादेशी नागरिकों को दस्तयाब किया जा चुका है।

पुलिस मुख्यालय एवं महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज डॉ. रवि के निर्देश तथा अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन एवं वृत्ताधिकारी हर्षित शर्मा के नेतृत्व में अजमेर पुलिस और सीआईडी जोन की विशेष टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना, तकनीकी साधनों और सघन चेकिंग के आधार पर दरगाह बाजार क्षेत्र से एक संदिग्ध व्यक्ति को डिटेन किया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद रफिकुल इस्लाम उर्फ सुमन (27) पुत्र मोहम्मद फैजल मिया, निवासी ग्राम हेराकंदी, थाना खलियाजुरी, जिला नेत्रोकोना, बांग्लादेश बताया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बिनापोल बॉर्डर, पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और इसके बाद ट्रेन से कोलकाता होते हुए अजमेर पहुंचा। यहां वह खानाबदोश के रूप में रह रहा था। सीमा पार करने से संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

27 साल से फरार 15 हजार का इनामी गिरफ्तार

दूसरी कार्रवाई में बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने वर्ष 1999 से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी कुंदन सिंह उर्फ कुशल सिंह को उत्तराखंड के हल्द्वानी से गिरफ्तार किया है।

अजमेर जिला पुलिस द्वारा पुराने लंबित प्रकरणों में वांछित एवं मफरूर आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. लालचंद कायल एवं वृत्ताधिकारी आयुष वशिष्ठ के निकट सुपरविजन में बांदरसिंदरी थानाधिकारी बन्ना लाल जाट के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता के आधार पर आरोपी की तलाश की और उसे हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया।

टैंकर का ‘हॉर्स’ और दस्तावेज चोरी कर हुआ था फरार

पुलिस के अनुसार, 11 नवंबर 1999 को टैंकर चालक मोहन सिंह ने बांदरसिंदरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार वह मथुरा से जामनगर के लिए टैंकर लेकर जा रहा था। बांदरसिंदरी स्थित एक होटल पर उसने टैंकर अपने खलासी कुंदन सिंह को सौंपा और निजी काम से घर चला गया।

वापस लौटने पर कुंदन सिंह टैंकर का ‘हॉर्स’ यानी ट्रक का मुख्य भाग, वाहन के दस्तावेज और परिवादी का आई-कार्ड लेकर फरार हो चुका था। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। लंबे समय तक फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक अजमेर द्वारा उसे भगोड़ा घोषित कर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। करीब 27 साल बाद तकनीकी सहायता से आरोपी का पता लगाया गया और बांदरसिंदरी पुलिस की टीम ने उसे उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दोनों कार्रवाइयों के जरिए अजमेर पुलिस ने एक ओर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के अभियान को आगे बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रखने का संदेश दिया है।

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