जीवन में नहीं करे किसी बात का अहंकार, सदा रहे परमात्मा के कृपापात्र- डॉ.पाराशर

जीवन में नहीं करे किसी बात का अहंकार, सदा रहे परमात्मा के कृपापात्र- डॉ.पाराशर

हाईलाइट

कोई हमारी सज्जनता को कायरता समझे तो उसे उसकी भाषा में समझाना चाहिए

दीक्षा दान समारोह में कल शामिल होंगे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.यादव

सनातन मंगल महोत्सव में श्रीमद् भागवत कथा का विश्राम एवं विभिन्न यज्ञ अनुष्ठानों की पूर्णाहुति

गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 25 फरवरी। 2026

हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के तत्वावधान में आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के सातवें दिन बुधवार को श्रीमद भागवत महापुराण कथा का विश्राम एवं विभिन्न यज्ञ अनुष्ठानों की विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति हुई। सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह कल गुरुवार सुबह 9 बजे से हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर परिसर में होगा। इसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। डॉ. यादव समारोह में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे भीलवाड़ा पहुचेंगे। श्रीमद् भागवत कथा में अंतिम दिवस व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से सुदामा चरित्र प्रसंग एवं भागवतसार का वाचन हुआ। डॉ. पाराशर ने कहा कि जिनके जीवन में दीनबंधु कृष्ण जैसे मित्र होते है उसके जीवन में कभी दुःख ठहर नहीं सकता। जीवन में किसी बात का अहंकार नहीं करे ओर परमात्मा को कृपापात्र बने रहे। हमेशा मित्र के दुःख को अपना समझ सहभागी बने। आजकल लोग थोड़ा सा प्रभावशाली होते ही अपने निर्धन परिजनों को पहचानने में भी संकोच करते है जबकि कृष्ण ने द्वारिकाधीश होते हुए आगे बढ़कर दीनहीन सुदामा को गले लगा मित्रता ओर स्नेह का अद्भुत नजारा जगत के समक्ष प्रस्तुत किया। जीवन में परमात्मा की कृपा के बिना कोई शुभ कार्य संभव नहीं हो सकता। भगवान कृष्ण द्वारा जब सुदाम के पैर अपने नयनों के जल से धोने का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया तो पांडाल में कई नयन भीग गए। उन्होंने भारत को दुनिया का आध्यात्मिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि सम्पूर्ण संसार भगवान का शरीर पर भारत उनका ह्दय है। भारत में धर्म ध्वजा लहराती रही तो पूरे विश्व में धर्म का जयघोष होगा। भारत का संदेश पूरी दुनिया में जाता है।

डॉ.पाराशर ने भागवत सार का संदेश समझाते हुए कहा कि भगवान का तेज श्रीमद् भागवत में आकर विराजित हो गया। जीवन में केवल परमात्मा से उम्मीद रखो बाकी किसी से आस मत लगाओ। उन्होंने धर्मभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश के खिलाफ नारे नहीं लगाए जा सकते। सनातनी सहिष्णु ओर शांतिप्रिय होकर विश्व कल्याण की कामना करते है पर कोई हमारी सज्जनता को कायरता समझे तो वह जिस भाषा में समझे उसी में समझाना चाहिए। दुर्जन को सज्जन की भाषा से नहीं समझाया जा सकता। पहले हम शांति के कबुतरे उड़ाते रहे ओर पड़ौसी आतंकी भेजते रहे जब उसके घर में घुसकर ताकत दिखाई तो अब वह कटोरा लिए घूम रहा है। पहली बार श्रीम्द भागवत कथा करने भीलवाड़ा पधारे डॉ. श्याम सुंदर पाराशर ने भीलवाड़ावासियों की श्रद्धा एवं भक्ति भावना की सराहना करते हुए उनके लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि वह सौभाग्यशाली है कि सनातन मंगल महोत्सव जैसे दिव्य आयोजन में कथा श्रवण कराने का सुअवसर पाया। कथा के विश्राम अवसर पर व्यास पीठ से मीठे रस सो भरयो राधा रानी लागे भजन गूंजा तो पांडाल में मौजूद सैकड़ो श्रद्धालु साथ में झूम उठे। कथा के अंतिम दिन विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ देवभूमि भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई संत महात्मा शामिल थे। इनके साथ सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारी एवं सदस्यों व सनातन मंगल महोत्सव में शामिल होने देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आरती की। संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। कथा विश्राम पर हर हर महादेव, सनातन धर्म की जय, भारत माता की जय के जयकारे गूंजे।

हम सभी सनातनी एक, आपस में बोले राम-राम

श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम पर हरि शेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने व्यास पीठ की पूजा करने के साथ उस पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के साथ डॉ.पाराशर की वाणी भी भीलवाड़ा के इतिहास में यादगार रहेगी। संत ओर ग्रंथ राष्ट्र की धरोहर है। सनातन मंगल महोत्सव समाज ओर सनातन का उत्सव है। भीलवाड़ा में सनातन संस्कृति का बीज अब वटवृक्ष बन चुका है। इस आयोजन में कोई जजमान नहीं सभी कार्यकर्ता है। महामंडलेश्वर ने जात पात से उपर उठकर सनातन एकता का संदेश देते हुए कहा कि सभी सनातनी एक-दूसरे के सुख दुःख में सहभागी बने ओर आपस में मिले तो राम-राम बोलकर अभिनंदन करे। धर्म ओर राष्ट्र रक्षा के लिए हमे जागरूक रहना है।

सनातन मंगल महोत्सव में चल रहे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न

सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के तहत विश्व कल्याण एवं सर्व मंगल की कामना से आयोजित सात दिवसीय विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान बुधवार को विधिविधान के साथ पूर्ण हुए। महोत्सव में काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में विद्धानों द्वारा वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। यज्ञ की पूर्णाहुति आरती के साथ हुई एवं सभी के जीवन में सुख शांति की कामना की गई। श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी, अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ, अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन, चारों वेद के मूल पाठ का पारायण सम्पन्न हुआ। महोत्सव में शाम 6:30 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती का आयोजन में शामिल होने के लिए अंतिम दिन बुधवार को भी श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सैकड़ो श्रद्धालु पहुंचे। श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल के लीलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन गुरूवार को सम्पन्न होगा।

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