त्योहारों में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए जयपुर पुलिस की दो महीने की कार्ययोजना, DGP राजीव कुमार शर्मा ने दिए निर्देश…
डायवर्जन से दूसरे रास्तों पर जाम नहीं लगना चाहिए, फील्ड में दिखे यातायात सुधार का असर — डीजीपी
पुलिस मुख्यालय में यातायात व्यवस्था की समीक्षा, पार्किंग, ई-रिक्शा संचालन और कैमरा आधारित चालान व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 10 अक्टूबर2026
त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान जयपुर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस अगले दो महीनों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात सुधार के प्रयासों का असर सड़कों पर दिखाई देना चाहिए और आमजन को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए।
डीजीपी ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौके पर जाकर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करने, समस्याओं की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले दो महीने के लिए तैयार की जाने वाली कार्ययोजना की नियमित समीक्षा करने तथा उपलब्ध पुलिस बल, वाहनों और उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया।
डायवर्जन ऐसा हो कि दूसरे रास्तों पर न लगे जाम
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने यातायात डायवर्जन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी एक मार्ग पर यातायात नियंत्रित करने के प्रयास में दूसरे मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। डायवर्जन तय करते समय मौके की परिस्थितियों, यातायात के दबाव और वैकल्पिक मार्गों की क्षमता का आकलन किया जाए।
प्रमुख चौराहों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और व्यस्त मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती करने तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का आकलन केवल योजनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि मौके पर किए गए प्रयासों और उनसे प्राप्त परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी प्रभावी कार्रवाई
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर रोड मार्किंग, साइन बोर्ड, सुरक्षित पैदल पार पथ और फ्री-लेफ्ट व्यवस्था में सुधार करने को कहा गया। यातायात बाधित करने वाले अस्थायी अतिक्रमणों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
आईटीएमएस और कैमरा आधारित चालान व्यवस्था पर जोर
यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), कैमरा आधारित चालान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक का बेहतर उपयोग करने पर चर्चा हुई।
बैठक में ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने, पार्किंग व्यवस्था में सुधार करने और बसों के संचालन को सुचारू बनाने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को जाम और अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
बैठक में पुलिस महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल ने प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव का नियमित आकलन करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया।
बैठक में एडीजी यातायात बी.एल. मीणा, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, डीआईजी विकास शर्मा सहित डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी, एसीपी और यातायात व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आगामी त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए समन्वय के साथ काम करें।

