“ऑपरेशन विषनहस”: नेपाल में छुपकर बैठा 75 हजार का इनामी और टॉप-25 नार्को अपराधी सोहनलाल रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार
देश की सीमाओं को लांघकर नेपाल के काठमांडू में शरण लेने वाले अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को एएनटीएफ ने बिछाया ऐसा जाल; पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर साधु और माला विक्रेता बनकर दबोचा
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर 10 अक्टूबर2026
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में छह साल से फरार चल रहे 75 हजार रुपये के इनामी अपराधी सोहनलाल उर्फ सोनू को नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ के अनुसार, आरोपी नेपाल में रहकर राजस्थान में अपने तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन विषनहस’ नाम दिया गया।
महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ श्री विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एमएन के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में फरार मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। एएनटीएफ पूर्व में देश के 12 राज्यों से 102 फरार इनामी अपराधियों को पकड़ चुकी थी। सोहनलाल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या बढ़कर 103 हो गई है। एएनटीएफ के अनुसार, यह उसकी पहली अंतरराष्ट्रीय फरार इनामी अपराधी को पकड़ने की कार्रवाई है।
शराब तस्करी से शुरू किया अपराध, फिर डोडा चूरा के कारोबार में उतरा
बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भारते की बेरी निवासी 32 वर्षीय सोहनलाल उर्फ सोनू पुत्र भागीरथ राम ने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद गलत संगत में पड़कर उसने वर्ष 2016 में अवैध शराब की तस्करी शुरू कर दी। इस संबंध में उसके विरुद्ध बालोतरा क्षेत्र में आबकारी अधिनियम के दो प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे गिरफ्तार भी किया गया और वह करीब एक माह न्यायिक अभिरक्षा में रहा।
जेल से बाहर आने के बाद उसने शराब तस्करी छोड़कर अधिक मुनाफे के लालच में अफीम और डोडा चूरा की तस्करी शुरू कर दी। शुरुआत में उसने अन्य तस्करों के साथ मिलकर काम किया, लेकिन बाद में अपना स्वतंत्र नेटवर्क खड़ा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह मध्यप्रदेश के नीमच और राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर तथा भीलवाड़ा से मादक पदार्थ जुटाकर अपने नेटवर्क के जरिए मारवाड़ और पंजाब के तस्करों तक पहुंचाता था।
एनडीपीएस प्रकरण में फरार होने के बाद बदले कई ठिकाने
वर्ष 2020 में जालौर जिले के चितलवाना थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में नाम आने के बाद सोहनलाल फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान छोड़ दिया और विभिन्न राज्यों में ठिकाने बदले। आरोपी मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्रप्रदेश सहित अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। उसने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सीमित कर दिया था।
वर्ष 2025 में राजस्थान पुलिस द्वारा एएनटीएफ का गठन कर मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई तेज किए जाने के बाद आरोपी अक्टूबर 2025 में नेपाल चला गया और काठमांडू में रहने लगा। आरोप है कि वहां से भी वह राजस्थान में सक्रिय अपने साथियों के संपर्क में रहकर तस्करी नेटवर्क चला रहा था।
पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर माला विक्रेता और तिलकधारी बनकर एएनटीएफ टीम ने बिछाया जाल
एएनटीएफ महानिरीक्षक श्री विकास कुमार के अनुसार एएनटीएफ टीम ने उसके सक्रिय गुर्गों से संपर्क साधकर खुद को पंजाब का बड़ा अवैध मादक पदार्थ खरीदार बताया और भारी मात्रा में माल की डील करने की इच्छा जताई। गुर्गों ने शर्त रखी कि इतनी बड़ी डील के लिए नेपाल में बैठे उनके आका से ही मिलना होगा। इस पर टीम नेपाल के काठमांडू पहुँची। जमीनी इनपुट से पता चला कि आरोपी सोहनलाल खुद को एएनटीएफ की गिरफ्त से बचाने के लिए भगवान पशुपतिनाथ का नियमित दर्शनार्थी बन चुका है और गिरफ्तारी से बचने की मन्नत मांगते हुए रोजाना मंदिर में धोक लगाने आता है।
अपनी पहचान छिपाने के लिए एएनटीएफ टीम ने अनूठा तरीका अपनाया एक अधिकारी मंदिर के प्रवेश मार्ग पर माला बेचने वाला बन गया, दूसरा माथे पर चंदन लगाने वाला तिलकधारी बनकर श्रद्धालुओं को तिलक लगाने लगा, जबकि अन्य सदस्य आम श्रद्धालुओं की तरह आसपास मुस्तैद रहे। कुछ देर बाद हुलिया मिलने पर संदिग्ध तस्कर की पहचान कर ली गई।
रक्सौल बॉर्डर पहुंचते ही एएनटीएफ ने पकड़ा
बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में सोहनलाल टीम के साथ नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल पहुंचा। भारतीय सीमा में आते ही एएनटीएफ टीम ने उसे पकड़ लिया। छह साल से फरार चल रहा 75 हजार रुपये का इनामी आरोपी इस तरह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
एएनटीएफ के अनुसार, आरोपी नेपाल में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा था और वहां से भूटान जाने की तैयारी में था। पुलिस का दावा है कि उसकी योजना 10 अक्टूबर 2026 को नेपाल छोड़ने की थी, लेकिन इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
एएनटीएफ टीम को किया जाएगा सम्मानित
कार्रवाई में शामिल टीमों की भूमिका की सराहना करते हुए महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि सभी संबंधित टीमों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। आरोपी सोहनलाल उर्फ सोनू निवासी भारते की बेरी, थाना धोरीमन्ना, जिला बालोतरा को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
अपराध संबंधी सूचना देने की अपील
एएनटीएफ ने आमजन से मादक पदार्थ तस्करी और अपराधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील की है। सूचना एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0141-2502877 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 पर दी जा सकती है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

