चुनावी प्रचार सामग्री की छपाई पर प्रशासन की सख्ती, मुद्रक-प्रकाशक का नाम-पता अनिवार्य..
पंचायत चुनाव-2026: मुद्रणालय संचालकों को धारा 127-क की पालना के निर्देश, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 8 अक्टूबर2026
पंचायत आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने चुनावी प्रचार सामग्री के मुद्रण को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट जसमीत सिंह संधू ने जिले के सभी मुद्रणालय संचालकों को निर्वाचन संबंधी पम्पलेट, पोस्टर, हैंडबिल, प्लेकार्ड, विज्ञापन एवं अन्य प्रचार सामग्री के मुद्रण में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के मद्देनजर राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, समर्थकों एवं विभिन्न संगठनों द्वारा प्रचार सामग्री मुद्रित करवाए जाने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने मुद्रणालय संचालकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता जरूरी
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन पम्पलेट, पोस्टर, हैंडबिल, प्लेकार्ड, विज्ञापन अथवा अन्य प्रचार सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पूरा पता स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। बिना मुद्रक एवं प्रकाशक के नाम-पते वाली चुनावी प्रचार सामग्री का मुद्रण नहीं किया जा सकेगा।
छपाई से पहले प्रकाशक से लेनी होगी घोषणा
किसी भी निर्वाचन संबंधी सामग्री का मुद्रण कार्य स्वीकार करने से पहले मुद्रक को निर्धारित प्रारूप में प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करनी होगी। यह घोषणा प्रकाशक द्वारा हस्ताक्षरित होने के साथ ऐसे दो व्यक्तियों द्वारा सत्यापित होनी चाहिए, जो प्रकाशक को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।
तीन दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट को देनी होगी सूचना
निर्देशों के तहत मुद्रणालय संचालक को प्रत्येक निर्वाचन सामग्री के मुद्रण के तीन दिनों के भीतर निर्धारित घोषणा पत्र, मुद्रित सामग्री की चार प्रतियां तथा मुद्रित दस्तावेजों की संख्या और मुद्रण कार्य के लिए ली गई कीमत से संबंधित निर्धारित विवरण जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करना होगा।
प्रत्येक पम्पलेट, पोस्टर अथवा अन्य निर्वाचन सामग्री के संबंध में यह विवरण अलग-अलग प्रस्तुत करना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क अथवा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मुद्रणालय के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रासंगिक नियमों के तहत मुद्रणालय के अनुज्ञा पत्र के संबंध में भी कार्रवाई की जा सकती है।
जिला मजिस्ट्रेट जसमीत सिंह संधू ने सभी मुद्रणालय संचालकों से अपील की है कि वे पंचायत आम चुनाव-2026 के दौरान निर्वाचन संबंधी प्रचार सामग्री के मुद्रण में निर्धारित कानूनी प्रावधानों एवं निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

