438 महिला कॉन्स्टेबलों ने ली देश और जनसेवा की शपथ, राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 का दीक्षांत समारोह, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा—सेवा, समर्पण, अनुशासन और उत्तरदायित्व की नई शुरुआत

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राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 का दीक्षांत समारोह, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा—सेवा, समर्पण, अनुशासन और उत्तरदायित्व की नई शुरुआत

गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा

जयपुर, 5 अक्टूबर 2026

राजस्थान पुलिस अकादमी में सोमवार को नव-प्रशिक्षित कॉन्स्टेबलों के बैच-102 का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के विभिन्न शहरों, गांवों और ढाणियों से प्रशिक्षण प्राप्त कर पहुंचीं 438 महिला कॉन्स्टेबलों ने देश और जनसेवा की शपथ ली। पासिंग आउट परेड के दौरान परिजनों और पुलिसकर्मियों की तालियों की गूंज से पूरा परिसर उत्साह और गर्व से भर गया।

मार्च पास्ट के दौरान जब नारी शक्ति ने पूरे अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मंच के सामने से कदमताल करते हुए गुजरना शुरू किया तो दर्शक दीर्घा में बैठे परिजनों के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे। कई परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने सैल्यूट कर नव-प्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबलों का अभिवादन किया।

समर्पण और दृढ़ता से लबरेज रही पासिंग आउट परेड

परेड कमांडर सुश्री प्रियंका बेनीवाल के नेतृत्व में आयोजित पासिंग आउट परेड का मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री संजीब कुमार नार्जारी ने नव-प्रशिक्षित कॉन्स्टेबलों को शपथ दिलाई।

डीजीपी श्री शर्मा ने नव-प्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबलों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी को केवल एक फोर्स के रूप में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा के प्रतीक के रूप में देखें। दीक्षांत समारोह प्रशिक्षण का अंत नहीं, बल्कि देश और जनता के प्रति सेवा, समर्पण, अनुशासन और उत्तरदायित्व की नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण प्रशिक्षितों के माता-पिता और परिजनों के त्याग, प्रोत्साहन और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं हो सकता था।

नए मॉडल सिलेबस के अनुरूप हुआ प्रशिक्षण

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गृह मंत्रालय के नए ‘मॉडल सिलेबस’ के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने नव-प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों से नए आपराधिक कानूनों का गहन अध्ययन करने तथा दैनिक पुलिसिंग में डिजिटल साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे अनुसंधान में तेजी आएगी और मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी।

डीजीपी ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग के परिणामस्वरूप गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में सफलता मिली है। नशा सामग्री की तस्करी, पेपरलीक और संगठित अपराध जैसे मामलों में पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।

ड्रोन तस्करी से लेकर डीपफेक तक नई चुनौतियां

श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस के सामने मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित अपराध तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें, फर्जी खबरें और डीपफेक जैसी नई चुनौतियां हैं।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। ‘कालिका यूनिट’ की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से कानून-व्यवस्था, आसूचना संग्रहण और सामुदायिक पुलिसिंग को नई मजबूती मिली है। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।

पुलिस थानों को बनाएं ‘सेवा केंद्र’

डीजीपी ने कहा कि पुलिस थानों को केवल कार्यालय न समझते हुए उन्हें ‘सेवा केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। थाने में आने वाले प्रत्येक नागरिक का सम्मान हो और उसकी शिकायत पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनी जाए।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों, गरीबों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा पीड़ितों को उनकी शिकायत पर हुई कार्रवाई की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराया जाना चाहिए।

उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से कहा कि वे दृढ़ता, आत्मविश्वास और व्यावसायिक दक्षता के साथ हर चुनौती का सामना करें तथा शारीरिक फिटनेस के लिए नियमित व्यायाम की आदत को जीवनभर जारी रखें।

परिवार के गर्व को याद कर आगे बढ़ें : डीजीपी

समारोह में डीजीपी ने नव-प्रशिक्षित कॉन्स्टेबलों को जीवन की महत्वपूर्ण सीख देते हुए कहा कि जब भी कभी थकान या निराशा महसूस हो, तो उस समय आज के दिन अपने परिवार के चेहरों पर दिखाई दे रहे गर्व और खुशी को याद करें। यही भाव उन्हें कर्तव्य पथ की कठिनाइयों से आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

उन्होंने राजस्थान पुलिस के साहस, बलिदान और जनसेवा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही सफल प्रशिक्षण आयोजन के लिए राजस्थान पुलिस अकादमी की पूरी टीम को बधाई दी।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कॉन्स्टेबल सम्मानित

समारोह में प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कॉन्स्टेबलों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंडर एवं सर्वश्रेष्ठ ड्रिल के लिए सवाई माधोपुर की प्रियंका बेनीवाल, सर्वश्रेष्ठ इंडोर प्रशिक्षण के लिए कोटा की राशिका मीना, सर्वश्रेष्ठ आउटडोर के लिए कोटपूतली-बहरोड़ की भारती शर्मा, सर्वश्रेष्ठ फायरिंग के लिए कोटपूतली-बहरोड़ की निधि शेखावत तथा सर्वश्रेष्ठ कंप्यूटर विषय में प्रदर्शन के लिए जयपुर की रविना को पुरस्कार प्रदान किया गया।

सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक के रूप में निरीक्षक नितेश शर्मा और पुलिस निरीक्षक मीना वर्मा को भी सम्मानित किया गया।

परेड और प्लाटून कमांडरों को प्रशंसा पत्र

इस अवसर पर परेड कमांडर प्रियंका बेनीवाल तथा प्लाटून कमांडर भारती शर्मा, पूजा जाट, राशिका मीना, तनुश्री माली, निधि शेखावत, प्रिया यादव, सुमन कुमावत और किरण मीणा को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिसकर्मियों को डीजीपी डिस्क

समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को डीजीपी डिस्क से भी सम्मानित किया गया। हनुमानगढ़ के रावतसर थाने के विकास कुमार सहारण को पुलिसिंग में उत्कृष्ट अनुसंधान कार्य के लिए, दीपक लबाना को नदी में डूब रही महिला को बचाने के लिए, सुरेश कुमार को नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी में विशेष योगदान के लिए तथा सुरेश चंद्र को पुलिस बैंड एवं कैवलरी शो में विशेष योगदान के लिए डीजीपी डिस्क प्रदान की गई।

इसी प्रकार अनिल कुमार योगी और सुरेंद्र सिंह गुर्जर को छबड़ा से गंभीर अवस्था में एक महिला को बारां के अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाने के लिए डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री संजीब कुमार नार्जारी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्री एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा ने भी नव-प्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबलों का हौसला बढ़ाया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) श्री संजय कुमार अग्रवाल, एडीजीपी श्री बिपिन पाण्डेय (अपराध शाखा), एडीजीपी श्री वी.के. सिंह (कानून-व्यवस्था) सहित राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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