उदयपुर को 421 करोड़ रुपये की विकास सौगात, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 457 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास..
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
उदयपुर/जयपुर, 2 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उदयपुर जिले को 421 करोड़ रुपये की लागत वाली 457 विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को विकास, निवेश, रोजगार, जल, ऊर्जा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
नगर निगम सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 21 प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 436 नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित विभिन्न महत्वाकांक्षी जल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे आमजन, किसानों और उद्योगों को दीर्घकालिक जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौता संभव हुआ है तथा उदयपुर क्षेत्र में देवास परियोजना को भी गति दी जा रही है।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों के साथ 2.24 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है और फिलहाल 26 जिलों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
युवाओं के लिए रोजगार पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने चार लाख सरकारी नौकरियां देने के संकल्प की दिशा में अब तक 1.78 लाख से अधिक नियुक्तियां प्रदान की हैं, जबकि 1.32 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से अधिक पदों पर नई भर्तियों की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई हैं तथा निजी क्षेत्र में भी करीब 4.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने उदयपुर को झीलों, पर्यटन, शक्ति और भक्ति की नगरी बताते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, सीवरेज, खेल, पर्यटन, जनजातीय छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिया और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें आधुनिक कैथ लैब, बुजुर्ग पुनर्वास गृह, कन्या महाविद्यालय, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, सीवरेज सिस्टम, मातृ एवं शिशु विंग, खेल मैदान और नई सड़क परियोजनाएं प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 49,197 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित कर चुकी है तथा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, ग्रामीण संपर्क मार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भी बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
समारोह को जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी तथा राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

