मृत घोषित हुई महिला ने अंतिम संस्कार से पहले खोली आंखें, बोलीं— “मुझे कहां ले जा रहे हो, मैं जिंदा हूं”

मृत घोषित हुई महिला ने अंतिम संस्कार से पहले खोली आंखें, बोलीं— “मुझे कहां ले जा रहे हो, मैं जिंदा हूं”

गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा

आगरा, 1अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी हृदयविदारक और हैरतअंगेज घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। जिस 65 वर्षीय महिला को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था, वही महिला अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक जीवित हो उठी। यह दृश्य देखकर परिजनों की आंखों से आंसू थम गए और पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई।

श्रीनगर कॉलोनी निवासी शीला देवी (65) लंबे समय से लिवर और सांस संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। परिजनों के अनुसार, बुधवार तड़के करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद परिवार एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर आगरा स्थित घर लेकर पहुंचा। घर में अंतिम दर्शन के लिए रिश्तेदार जुटने लगे। फूल-मालाएं मंगाई जा चुकी थीं और अंतिम संस्कार की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। घर का माहौल शोक में डूबा हुआ था।

इसी बीच एक ऐसा चमत्कार हुआ, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। जब दामाद ने परंपरा के अनुसार उनके चरण स्पर्श किए, तभी शीला देवी ने अचानक उनका हाथ पकड़ लिया और धीमी आवाज में कहा—

“तुम मेरे पैर क्यों छू रहे हो? मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं… तुम सब रो क्यों रहे हो?”

यह सुनते ही वहां मौजूद परिजन अवाक रह गए। कुछ क्षणों तक किसी को विश्वास ही नहीं हुआ कि जिसे मृत मानकर अंतिम विदाई की तैयारी की जा रही थी, वह जीवित होकर बात कर रही है। देखते ही देखते शोक का माहौल उम्मीद में बदल गया।

परिजनों ने तत्काल शीला देवी को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में घर के बाहर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में यही चर्चा है कि जिस महिला को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया, उसकी सांसें आखिर कैसे लौट आईं।

फिलहाल संबंधित अस्पताल की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद महिला के जीवित होने की पुष्टि होती है, तो यह मामला चिकित्सा व्यवस्था और मृत्यु की पुष्टि की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

(नोट: यह समाचार सूत्रों की जानकारी पर आधारित है। मामले में अस्पताल की आधिकारिक प्रतिक्रिया और चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट का इंतजार है।)

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