साइबर ठगों को करंट खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार, खाते में 5 करोड़ रुपये का लेन-देन, पुलिस थाना साइबर अपराध अजमेर की बड़ी कार्रवाई, फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” मामले में गिरफ़्तारी..

0
214

साइबर ठगों को करंट खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार, खाते में 5 करोड़ रुपये का लेन-देन, पुलिस थाना साइबर अपराध अजमेर की बड़ी कार्रवाई, फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” मामले में गिरफ़्तारी..

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

अजमेर, 14 अगस्त2025

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना साइबर अपराध अजमेर की टीम ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने साइबर ठगों को अपना करंट खाता और उससे जुड़ा मोबाइल सिम उपलब्ध कराया था। आरोपी के खाते में अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।

मामला कैसे शुरू हुआ

पुलिस अधीक्षक, जिला अजमेर श्रीमती वंदिता राणा (IPS) ने बताया कि 21 जुलाई 2025 को अजमेर निवासी एलविस माइकल सिंह और उनकी पत्नी पेगी माइकल को अज्ञात कॉलर ने फोन कर खुद को “कोलाबो पुलिस स्टेशन, मुंबई” का अधिकारी बताया। कॉलर ने उन्हें एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बताते हुए धमकाया और कहा कि वे “डिजिटल अरेस्ट” में हैं, इसलिए घर से बाहर नहीं जा सकते।

इसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर नकली पहचान पत्र और दस्तावेज दिखाए गए तथा यह कहकर डराया गया कि यदि जेल जाने से बचना है तो किसी को जानकारी न दें। डर के माहौल में पीड़ित दंपति से कुल 40 लाख रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। इस संबंध में एफआईआर संख्या 17/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच और टीम का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजमेर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर एवं मुख्यालय) श्री हिमांशु जागिड (RPS) के निर्देशन में, थाना प्रभारी श्री हनुमान सिंह (RPS) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

टीम में शामिल अधिकारी-कर्मचारी:
1. श्री हनुमान सिंह, RPS, थाना प्रभारी, साइबर अपराध अजमेर
2. श्री दयाराम, पुलिस निरीक्षक
3. श्री सोनू, कानि 1389
4. श्री रामदयाल, कानि 593
5. श्री दशरथ, चालक कानि 2031

आरोपी की गिरफ्तारी

साइबर पोर्टल 1930 और बैंक रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद संदिग्ध बैंक खाते की पहचान की गई। संबंधित बैंक से खाते के स्टेटमेंट, AOF और KYC दस्तावेज प्राप्त कर आरोपी की पुष्टि की गई।

पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी आरिफ पुत्र नजीर अहमद (उम्र 27 वर्ष), निवासी शेरपुर, पोस्ट रसगन, तहसील रामगढ़, थाना नौगावा, जिला अलवर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया।

आरोपी का तरीका-ए-वारदात
• आरोपी ने अपने फर्म का करंट खाता और रजिस्टर्ड मोबाइल सिम साइबर ठगों को उपलब्ध कराया।
• ठगों द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त रकम आरोपी के खाते में जमा करवाई जाती थी।
• आरोपी रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देता था, जिससे पैसों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

अब तक की कार्रवाई और आगे की योजना

पुलिस ने आरोपी के खाते में अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आने की पुष्टि की है। मामले में अन्य शामिल व्यक्तियों और खातों की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस पीड़ितों को सावधान रहने और संदिग्ध कॉल/मैसेज मिलने पर तुरंत 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here