स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: गायत्री राठौड़

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: गायत्री राठौड़

डेंगू और स्क्रब टाइफस की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश, आशा सहयोगिनियों एवं जननी सुरक्षा योजना के भुगतान समय पर करने पर जोर

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

जयपुर, 13 अक्टूबर2026

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए पुख्ता इंतजाम करने, डेंगू और स्क्रब टाइफस के नियंत्रण की गतिविधियों को प्रभावी बनाने तथा स्वास्थ्य योजनाओं के तहत देय प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्रीमती राठौड़ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विभागीय बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने तथा सेक्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर चिकित्सा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार के लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें।

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रमुख शासन सचिव ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की समय पर पहचान और समुचित प्रबंधन की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जांच, उपचार और रेफरल सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से निगरानी की जाए।

उन्होंने कार्मिकों के लंबित वेतन संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के साथ आशा सहयोगिनियों के प्रोत्साहन भुगतान और जननी सुरक्षा योजना के तहत देय प्रोत्साहन राशि का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डेंगू और स्क्रब टाइफस की रोकथाम पर विशेष जोर

श्रीमती राठौड़ ने मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू और स्क्रब टाइफस की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी गतिविधियां संचालित की जाएं। चिकित्सा संस्थानों में इन बीमारियों की जांच, उपचार, आवश्यक दवाइयों और अन्य सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

उन्होंने 108 एंबुलेंस और 104 जननी एक्सप्रेस सेवाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा इनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही एचपीवी टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्यों को 31 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए पात्र बालिकाओं की पहचान, टीकाकरण सत्रों की समुचित योजना और प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा।

अधिक मरीज भार वाले संस्थानों में उपलब्ध कराएं चिकित्सकीय सेवाएं

प्रमुख शासन सचिव ने जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत कार्यरत चिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग अधिक मरीज भार वाले चिकित्सा संस्थानों में करने के निर्देश दिए, ताकि वहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करने तथा आवश्यक मरम्मत और रखरखाव के कार्य प्राथमिकता से करवाने को कहा।

जिन चिकित्सा संस्थानों में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीनों के संचालन से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) का नवीनीकरण लंबित है, वहां जिला कलेक्टर, जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) अथवा राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) की अनुमति से आरएमआरएस के माध्यम से सेवाएं जारी रखने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

टीबी मुक्त भारत अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

श्रीमती राठौड़ ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जोश (JOSH) टीमों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी की रोकथाम, स्क्रीनिंग, जांच, निदान और उपचार से संबंधित गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, टीबी स्क्रीनिंग एवं जांच के लिए उपलब्ध हैंड-हेल्ड मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए।

लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निस्तारण

प्रमुख शासन सचिव ने भूमि की अनुपलब्धता के कारण लंबित प्रकरणों को जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर प्राथमिकता से समाधान कराने को कहा। उन्होंने चिकित्सा विभाग को हस्तांतरित सभी भवनों को आवश्यक संसाधनों एवं निर्धारित सुविधाओं के साथ शीघ्र क्रियाशील बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन को इनका लाभ मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों से बैठक में दिए गए निर्देशों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को कहा। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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