गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल, रबी सीजन में खरीद के लिए फार्मर आईडी जरूरी..

गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल, रबी सीजन में खरीद के लिए फार्मर आईडी जरूरी..

गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा

जयपुर, 13 अक्टूबर2026

केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। आगामी सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसान पंजीकरण कराने हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि नई व्यवस्था के तहत किसानों को पंजीकरण और गेहूं बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में भू-प्रबंधन विभाग, एग्रीस्टैक पीएमयू और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की टीम के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में आगामी रबी विपणन सीजन के दौरान गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सुचारु बनाने और फार्मर आईडी आधारित पंजीकरण व्यवस्था लागू करने पर चर्चा की गई।

खरीद पोर्टल में होंगे आवश्यक प्रावधान

बैठक में विचार-विमर्श के बाद एनआईसी को गेहूं खरीद पोर्टल में आवश्यक प्रावधान करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी रबी विपणन सीजन 2027-28 में गेहूं बेचने के लिए किसान पंजीकरण के दौरान फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से इस्तेमाल की जा सके।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने किसानों से अपील की कि वे आगामी खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए किसान ई-मित्र केंद्र अथवा अन्य उपलब्ध माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। इससे गेहूं विक्रय के लिए पंजीकरण कराते समय होने वाली संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा।

एग्रीस्टैक से पारदर्शी होगी खरीद व्यवस्था

एग्रीस्टैक डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत किसानों की फार्मर आईडी के माध्यम से उनकी पहचान, भूमि अभिलेख और फसल बुवाई सहित कृषि से संबंधित समग्र डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों के रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करना और सरकारी योजनाओं एवं कृषि उपज की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

राज्य में एग्रीस्टैक के प्रभावी क्रियान्वयन से किसान पंजीकरण की प्रक्रिया व्यवस्थित होने, कृषि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। विभाग ने आगामी खरीद सीजन से पहले आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है।

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