मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसी जारी करने का कार्य आरंभ…
गौरव रक्षक/राजेंद्र शर्मा
भीलवाड़ा, 02 अप्रैल 2025
प्रदेश के पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुये उनके अमूल्य पशुधन का बीमा कर पशुपालकों को पशुधन हानी होने पर सुरक्षा प्रदान किये जाने के लिये मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गयी है।
इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जनआधार कार्डधारक पशुपालक पात्र होंगे, बीमा के लिये लॉटरी द्वारा पशुपालकों का चयन किया गया है, प्रदेश के गोपाल केडिट कार्ड धारक पशुपालक और लखपति दीदी पशुपालकों को चयन में प्राथमिकता दी गई है, साथ ही अनुसुचित जाति और जनजाति के लिये क्रमशः 16 और 12 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है।
संयुक्त निदेशक राज्य बीमा विभाग श्रीमती प्रियंका मेहरानिया ने बताया कि बीमा के लिये पशुओं की टैगिंग अनिवार्य है, चयनित पशुपालकों के अधिकतम 2 दुधारू पशु (गाय, भैंस) / 10 बकरी/10 भेड/1 उष्ट्र वंश पशु का निशुल्क बीमा किया जा रहा है। यह बीमा 1 वर्ष के लिये किया जायेगा, बीमा राशि का निर्धारण पशु की नस्ल, उम्र व दुग्ध उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जायेगा, लेकिन किसी भी स्थिती में बीमा की अधिकतम राशि 40000 रु से अधिक नहीं होगी। योजना का कियान्वयन ट्रस्ट मोड पर राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग द्वारा किया जायेगा, जबकि पशुपालन विभाग नोडल विभाग होगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसी भी प्राकृतिक एवं आकस्मिक दुर्घटना जैसे आग लगना, सडक दुर्घटना, आकाशीय बिजली गिरना, प्राकृतिक आपदा, जहरीला घास खाने या सर्प/कीड़ा काटने, किसी बीमारी आदि में मृत्यु होने पर बीमा क्लेम मिलेगा।
यह जानकारी देते हुए संयुक्त निदेशक राज्य बीमा विभाग प्रियंका मेहरानिया ने बताया कि जिला भीलवाडा में अब तक इस योजना अंतर्गत गाय 24100, भैंस 15200, बकरी 19172, भेड 13388, उंट 85 कुल 71945 पशुओं को लॉटरी से नांमांकित करते हुये बीमा करने हेतु चयन किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य बीमा विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुये बीमा पॉलिसी जारी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।