EVM के साथ VVPAT की पर्चियों के 100% मिलान की मांग: मांग को लेकर दायर याचिका पर देश के सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जारी

0
38

EVM के साथ VVPAT की पर्चियों के 100% मिलान की मांग:
मांग को लेकर दायर याचिका पर देश के सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जारी

गौरव रक्षक/राजेन्द्र शर्मा
नई दिल्ली 16 अप्रेल l

जस्टिस खन्ना ने कहा कि यदि कोई हेराफेरी होती है तो सजा क्या है? परिणाम का डर होना चाहिए
ईसीआई के लिए सिंह ने कहा कि आरपी अधिनियम की धारा 132ए और 134 के तहत प्रावधान हैं
जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह प्रक्रिया से कहीं अधिक गंभीर है। इसलिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है
जस्टिस खन्ना ने कहा कि यदि कोई हेराफेरी होती है तो सजा क्या है? परिणाम का डर होना चाहिए
ईसीआई के लिए सिंह ने कहा कि आरपी अधिनियम की धारा 132ए और 134 के तहत प्रावधान हैं
जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह प्रक्रिया से कहीं अधिक गंभीर है। इसलिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी कोई विसंगति है तो क्या हर एक प्रत्याशी के पास वह डेटा है. प्रत्येक मशीन में एक नंबर होता है, इसलिए जब भी उम्मीदवार जांच करता है तो वह देख सकता है कि कितने वोट डाले गए या दर्ज किए गए.
कभी-कभी विसंगति हो सकती है, यदि है तो क्या प्रत्याशी प्रश्न पूछ सकता है
अगर ये सच है तो उम्मीदवार ने तुरंत इसे चुनौती दी होती। यदि आपके पास मशीन का नंबर है, तो आप जानते हैं कि वह कहां थी और कितने वोट पड़े और ऐसे में प्रत्याशी आपत्ति क्यों नहीं करेगा ?
वकील शंकरनारायणन ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने जवाब में हमारे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या इन मशीनों में टाइमर है ?
ECI ने कहा कि नहीं, लेकिन इसे लगाया जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि तो जब गिनती शुरू होगी तो क्या डेटा उम्मीदवारों को उपलब्ध कराया जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण से पूछा कि आपने कहा कि अधिकतर लोग ईवीएम पर भरोसा नहीं करते. ये डेटा कहां से मिला आपको ?
वकील प्रशांत भूषण ने जवाब में कहा कि एक पोल के जरिए
बेंच ने कहा कि आप ऐसे निजी सर्वेक्षणों पर विश्वास न करें. आप उस सब में न जाएं. जांच करने के लिए हमें डेटा देखना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डेटा के साथ समस्या यह है कि यह प्रामाणिक होना चाहिए. राय पर नहीं, बल्कि वास्तविक प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए। हम चुनाव आयोग से डेटा प्राप्त करेंगे l
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मशीनी त्रुटि नहीं, मानवीय त्रुटि है. आप कह रहे हैं कि मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, लेकिन इसकी जाँच की जाए और इसका प्रतिकार किया जाए, हम देखेंगे कि कैसे.
भूषण ने कहा कि क्या वे कह सकते हैं कि अगर कोई बेमेल है तो वे चुनिंदा वीवीपीएटी डेटा का उपयोग करेंगे
सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर ने कहा कि इस मामले में तकनीकी विशेषज्ञ समिति कभी भी निष्पक्ष नहीं हो सकती
वरिष्ठ वकील हुज़ेफ़ा अहमदी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सेदारी रखने वाले एक मतदाता के रूप में, किसी भी संदेह को यदि इसे उचित व्यावहारिक तरीके से दूर किया जा सकता है, तो इसे अपनाया जाना चाहिए। प्रक्रिया न केवल निष्पक्ष होनी चाहिए, बल्कि निष्पक्ष दिखनी भी चाहिए और इस प्रकार वीवीपीएट का मिलान ईवीएम वोटों से किया जा सकता है और इससे चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा बढ़ती है
वकील हुसैफ़ा अहमदी ने कहा कि अगर VVPAT की तुलना वोटों की वास्तविक संख्या से की जा सके तो यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हित में होगा, चुनाव आयोग को इसका स्वागत करना चाहिए
एक याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सरकारी उपक्रम कंपनियां वीवीपीएट का निर्माण करती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप क्या चाहते हैं। निर्माण का जिम्मा निजी क्षेत्र को दिया जाए
SC ने कहा कि हम गुरुवार को मामले पर आगे सुनवाई करेंगे l

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here