NEET UG काउंसलिंग के नाम पर निजी कंपनी की कथित दखलंदाजी! SMS मेडिकल कॉलेज में FIR दर्ज..
काउंसलिंग स्थल पर निजी कंपनी के प्रतिनिधियों की गतिविधियों पर उठे सवाल, विद्यार्थियों को भ्रमित करने का आरोप..
गौरव रक्षक/ राजेंद्र शर्मा
जयपुर, 16 अक्टूबर2026
राजस्थान की नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में कथित अनाधिकृत गतिविधियों का मामला सामने आया है। स्टेट नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर मेडिपीडिया ओवरसीज एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ एसएमएस अस्पताल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
आधिकारिक प्रक्रिया के बीच निजी कंपनी की गतिविधियों पर सवाल
शिकायत के अनुसार, कंपनी के प्रतिनिधियों ने काउंसलिंग स्थल और शैक्षणिक परिसर में प्रवेश कर विद्यार्थियों को निजी काउंसलिंग सेवाएं देने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रतिनिधियों ने अपनी सेवाओं का प्रचार इस तरह किया, जिससे उनकी गतिविधियां आधिकारिक सहायता से जुड़ी हुई प्रतीत हों। साथ ही, संस्थान के साथ संबंधों को लेकर भी कथित तौर पर भ्रामक प्रस्तुति दी गई।
विद्यार्थियों के भ्रमित होने और आर्थिक नुकसान की आशंका
काउंसलिंग बोर्ड ने आशंका जताई है कि इस प्रकार की गतिविधियों से प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कॉलेज परिसर में उनकी गतिविधियों की जांच का अनुरोध किया गया है।
सोशल मीडिया प्रचार और डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे
मामले में कंपनी के सोशल मीडिया प्रचार से संबंधित सामग्री, तस्वीरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें कॉलेज परिसर में कंपनी की गतिविधियों के प्रचार तथा नीट यूजी काउंसलिंग से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे शामिल बताए गए हैं। पुलिस से इन सामग्रियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया गया है।
विद्यार्थियों के लिए बोर्ड की अहम अपील
काउंसलिंग बोर्ड ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे नीट यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग से संबंधित जानकारी के लिए अधिकृत काउंसलिंग बोर्ड और सरकारी संस्थानों के आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ही भरोसा करें। किसी भी निजी एजेंसी की सेवाएं लेने से पहले उसकी अधिकृत स्थिति और दावों की पुष्टि अवश्य करें।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

